:::हाइवाल गिरने की घटना के बाद से 15 घंटे बंद रहा कोयला उत्पादन परिजन को मिलेगा मुआवजा व नौकरी, सुनील के परिजन को 80 व राजू के परिजन को 75 लाख देने पर सहमति. उरीमारी. सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र की उरीमारी परियोजना की आउटसोर्सिंग कंपनी में शनिवार की देर रात हाइवाल गिरने से दो लोगों की मौत हो गयी थी. शनिवार सुबह मलबे में दबे दोनों के शवों को निकाला गया. इधर, दोनों मजदूरों की मौत के बाद रात से ही खदान में कामकाज बंद था. मृतक सुनील यादव (30) उरीमारी हेसाबेड़ा व राजू पासवान (50) उरीमारी चेकपोस्ट निवासी के शव को घटनास्थल पर रख कर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. क्षेत्र की सभी यूनियन के लोग व ठेका मजदूर परिजनों को मुआवजा व नौकरी देने की मांग पर अड़ गये. बंद कोयला उत्पादन व विरोध बढ़ता देख सीसीएल प्रबंधन ने मामले पर हस्तक्षेप किया. यहीं पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई. इसमें परिजन को मुआवजा व नौकरी पर लिखित निर्णय हुआ. इसके तहत, सुनील के परिजन को एक्सग्रेसिया के तहत 25 लाख, कंपनसेशन 15,88,425 व कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत 40 लाख रुपये मिलेंगे. इसी तरह, राजू के परिजन को एक्सग्रेसिया के तहत 25 लाख, कंपनसेशन 10,33,475 व कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत 40 लाख रुपये मिलेंगे. वार्ता के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया गया. खदान में उत्पादन कार्य व कोयले की ट्रांसपोर्टिंग का काम शुरू हुआ. वार्ता में सीसीएल प्रबंधन की ओर से एसओपी अजय कुमार, पीओ दिलीप कुमार, यूनियन व विस्थापित नेताओं में विंध्याचल बेदिया, झामुमो हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, राजू यादव, सोनाराम मांझी, संजय करमाली, महादेव बेसरा, विश्वनाथ मांझी, सीताराम किस्कू, गणेश गंझू, गणेश राम, मुखिया चरका करमाली, जूरा सोरेन, रंजीत करमाली, महादेव मांझी, विकास कुमार, शशि भूषण सिंह,आरएन सिंह, हरिनाथ महतो, अशोक गुप्ता, संजय वर्मा, पप्पू सिंह, जेपीएन सिन्हा, दशरथ कुर्मी, मोहम्मद हसन, संजय यादव शामिल थे. इधर, आउटसोर्सिंग कंपनी में कार्यरत ठेका मजदूरों ने सुरक्षा नियमों के तहत खदान में काम कराने की मांग की है. घटना में घायल विनोद कुशवाहा का इलाज होप अस्पताल, रामगढ़ में चल रहा है.
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