रामगढ़: गोला रोड स्थित रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मूर्ति कला कार्यशाला का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गयी. इसमें कक्षा छह से 10 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यार्थियों ने गीली मिट्टी से पशु-पक्षियों, महापुरुषों एवं विभिन्न प्रेरणादायक आकृतियों की आकर्षक मूर्तियां बनाकर अपनी सृजनशीलता, कल्पनाशक्ति व कलात्मक कौशल का प्रदर्शन किया. बच्चों की तैयार कलाकृतियों ने उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया.
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मूर्तिकला का विशेष स्थान है. ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, धैर्य, एकाग्रता, सौंदर्यबोध व आत्मविश्वास का विकास करती हैं. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालय का उद्देश्य कला, संस्कृति एवं कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है.
कार्यशाला का मार्गदर्शन कर रहे कला शिक्षक विकास कुमार कुशवाहा ने कहा कि मिट्टी केवल एक साधारण पदार्थ नहीं, बल्कि सृजन का आधार है. बच्चों के हाथों से मिट्टी को आकार देने की प्रक्रिया उनकी कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच, सूक्ष्म अवलोकन और आत्मविश्वास को विकसित करती है. उन्होंने कहा कि मूर्तिकला भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का सशक्त माध्यम है.
कार्यशाला में चयनित विद्यार्थी अब संकुल स्तरीय मूर्ति कला प्रतियोगिता में भाग लेंगे.
