गोला. गोला प्रखंड स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय चक्रवाली पिछले चार वर्षों से शिक्षकों भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है. विद्यालय को वर्ष 2022 में प्लस टू की स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक न तो पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है और न ही अधूरे भवन का निर्माण पूरा हो सका है. इसका सीधा असर यहां अध्ययनरत लगभग 700 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है.
पहली कक्षा से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई हो रही है.विद्यालय में वर्तमान में पहली कक्षा से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई संचालित हो रही है. लगातार बढ़ती छात्र संख्या के मुकाबले संसाधन बेहद सीमित हैं. पर्याप्त कक्षाओं के अभाव में विद्यार्थियों को असुविधा के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है.
शिक्षकों के कई पद अब भी रिक्त
जानकारी के अनुसार विद्यालय में फिलहाल 10 सरकारी शिक्षक और तीन पारा शिक्षक कार्यरत हैं. जबकि विद्यालय को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए टीजीटी के दो तथा पीजीटी के तीन शिक्षकों की और आवश्यकता है. विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण कई कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
दो वर्षों से अधूरा पड़ा है विद्यालय भवन
विद्यालय भवन का निर्माण कार्य भी पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है. भवन पूरा नहीं होने के कारण पर्याप्त कक्षाओं का अभाव बना हुआ है. विद्यालय परिसर में खेल मैदान भी नहीं है. स्थिति यह है कि सुबह की प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है.
प्रधानाध्यापक ने बतायी समस्याएं
विद्यालय के प्रधानाध्यापक शशि भूषण प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की अत्यंत आवश्यकता है. इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित विभाग और उच्च अधिकारियों को आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
विद्यालय प्रबंधन समिति ने उठायी मांग
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मो इकबाल ने बताया कि समिति की बैठकों में लगातार शिक्षकों की कमी और भवन निर्माण का मुद्दा उठाया जाता रहा है. इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भी भेजी गयी है. लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है.
ग्रामीणों ने शीघ्र कार्रवाई की मांग की
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विद्यालय में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है. उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से शीघ्र कार्रवाई करते हुए शिक्षकों की नियुक्ति, भवन निर्माण पूरा कराने, खेल मैदान सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
