Ramgarh: मुआवजा मिलने तक नहर का निर्माण कार्य रोकने का फैसला, रैयतों ने की बैठक

Ramgarh: रामगढ़ में रैयतों ने बैठक कर निर्णय लिया कि उचित मुआवजा मिलने तक नहर निर्माण कार्य को रोककर रखा जाएगा. स्थानीय लोगों ने सरकार को साफ तौर पर कहा है कि उचित मुआवजा मिलने के बाद ही कार्य होने दिया जाएगा. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

गोला से राजकुमार की रिपोर्ट
Ramgarh: जिला के गोला प्रखंड के रुंडई-सोटई गांव में रविवार को भैरवी जलाशय परियोजना से प्रभावित रैयत विस्थापितों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की. इस बैठक में रैयतों के मुआवजे का मुद्दा छाया रहा और मुआवजा मिलने तक काम रोकने का भी फैसला किया गया.

मुआवजा नहीं मिलने पर जतायी नाराजगी

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार द्वारा विस्थापितों को उचित मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक नहर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा. ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना के कारण उनकी जमीन प्रभावित हो रही है, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है. लोगों ने प्रशासन से जल्द मुआवजा भुगतान एवं विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की मांग की.

मांगों की अनदेखी पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. बैठक में जेएलकेएम नेता संतोष कुमार चौधरी ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को न्याय देने की मांग की.

ये लोग थे मौजूद

मौके पर पनेश्वर महतो, चित्रलेखा कुमारी, सखीत कुमारी, सीता कुमारी, राजकुमारी देवी, उर्मिला देवी, कालो देवी, संगीता देवी, यशोदा देवी, टेकलाल महतो, कमलेश महतो, विकास महतो, दुबराज महतो, मजेश महतो, मोहन महतो, योगेंद्र महतो, दयाल महतो, संदीप मुंडा, तुलेश्वर मुंडा, सुधीर मुंडा, मुंशी करमाली, दिलीप महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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