बरका-सयाल में कोयला ढोने वाले वाहनों का काला धुआं बना आफत, 50% से अधिक वाहन बिना PUC के!

बरका-सयाल में कोयला ढुलाई करने वाले खटारा वाहनों से फैल रहे जहरीले धुएं से ग्रामीण परेशान हैं. सांस और आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग.

भुरकुंडा(रामगढ़). सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र में कोयला परिवहन में लगे वाहनों से निकलने वाला काला धुआं माहौल को जहरीला बना रहा है. दिन-रात चलने वाले सैकड़ों हाइवा और ट्रकों से निकलने वाले धुएं से क्षेत्र में पॉल्यूशन का लेवल लगातार बढ़ रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार ज्यादातर वाहनों का मेंटेनेंस नहीं होता और कई वाहन बिना पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं. पुराने व खटारा वाहनों से भी कोयला ढुलाई का काम लिया जा रहा है.

कोयले के काले धुएं से बढ़ रहीं लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं

इन वाहनों से निकलने वाला काला जहरीला धुआं सांस के जरिए लोगों के शरीर में जा रहा है. इससे सांस की बीमारी, दिल, किडनी की दिक्कत, खांसी, सिरदर्द, जी मिचलाना, घबराहट और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. उदाहरण के तौर पर, बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है या बुजुर्गों की खांसी बढ़ गई है. इससे सबसे अधिक परेशानी ट्रांसपोर्ट रोड के किनारे रहने वाले लोगों को हो रही है.

आधी से ज्यादा गाड़ियां बिना PUC के, सच्चाई चिंताजनक

जानकारी के अनुसार कोयलांचल में 50 फ़ीसदी से ज़्यादा वाहन बिना पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) के चल रहे हैं. हर साल जून को सीसीएल मैनेजमेंट ने वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर माहौल बचाने का प्रण लिया था, लेकिन हकीकत इसके उलट है.

पॉल्यूशन पर रोक लगाने को लेकर न तो कंपनी मैनेजमेंट गंभीर है और न ही एडमिनिस्ट्रेशन ध्यान दे रहा है. इस निष्क्रियता के कारण पॉल्यूशन का स्तर लगातार बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, जो कि स्थिति को और चिंताजनक बनाता है.

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पॉल्यूशन फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने की मांग

ग्रामीणों ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और सीसीएल मैनेजमेंट से पॉल्यूशन फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने और सभी वाहनों की जांच ज़रूरी करने की मांग की है.

ज़हरीले धुएं से लोग परेशान : अमित

बरका-सयाल कोल क्षेत्र में कोयला ढुलाई में लगे वाहनों से निकलने वाले ज़हरीले काले धुएं से आम लोग परेशान हैं. स्थानीय युवक अमित कुमार ने बताया कि दिन-रात सैकड़ों हाइवा और ट्रक बिना पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) और बिना मेंटेनेंस के चल रहे हैं. इससे पूरे क्षेत्र में पॉल्यूशन फैल रहा है.

काला धुआं सांस के जरिए शरीर में जा रहा है, जिससे खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो रही है. उन्होंने सीसीएल मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन से ऐसे वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है.

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By कुमार आलोक

कुमार आलोक भुरकुंडा क्षेत्र से प्रभात खबर के साथ जुड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. समाचार संकलन के दौरान सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, खेलकूद तथा जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं. निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के प्रति सदैव प्रतिबद्ध हैं.

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