झारखंड जंगल बचाओ का एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
जंगल बचाने में महिलाओं की भूमिका अहम : सूर्यमणि भगत
गिद्दी (हजारीबाग). खपिया गांव में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन का प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला की अध्यक्षता कविता देवी ने की. मुख्य अतिथि जंगल आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अलेक्स टोप्पो ने कहा कि झारखंड को खनिज संपदा और जंगल के रूप में जाना जाता है. झारखंड में कुछ वर्ष पूर्व कई गांव में जंगल उजड़ गये थे, लेकिन जंगल आंदोलन की वजह से स्थिति बदल गयी है. जंगल में पेड़ पौधे लहलहा रहें है. कहा कि लोग चाहे, तो जंगल बचा कर रोजगार का साधन निकाल सकते है.
प्रखंड प्रभारी फुलेश्वर महतो ने कहा कि इस इलाके में जंगल बचाओ आंदोलन के लोग पिछले कई वर्षो से कार्य कर रहें है. कुर्रा, खपिया, कलुआटाड़, होरोमोचा, होन्हेमोढा, चैनपुर, बुंडू, बसकुदरा के जंगल को बचाया जा रहा है. जंगल बचाने के लिए लोगों में इसके महत्व के प्रति जागरूकता जरूरी है. सूर्यमणि भगत ने कहा कि जंगल बचाने में महिलाओं की भूमिका अहम है. महिलाएं इसके लिए आगे आ रही है. जंगल बचाने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा व रूपरेखा तैयार की गयी. कार्यशाला में गिरधारी गंझू, चरकू सोरेन, नेपाल महतो, भुषण उरांव, सीमा देवी, चिंता देवी, पूर्णिमा देवी, अंजली देवी, शांति देवी, देवंती देवी, कुंती देवी आदि उपस्थित थे.
