भुरकुंडा : भुरकुंडा कोलियरी के एक्सकावेशन से दो डंपरों को बिरसा परियोजना भेजने का विरोध कर रहे कोलफिल्ड मजदूर यूनियन व झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने शुक्रवार को एक्सकावेशन के पास पीट मीटिंग की. अध्यक्षता संतोष यादव ने की. संचालन अशोक गुप्ता ने किया.
कोफिमयू के केंद्रीय सचिव उदय कुमार सिंह ने कहा कि पूर्व से ही मशीनों की कमी का दंश झेल रही भुरकुंडा खुली खदान से अब दो डंपरों को बिरसा परियोजना भेजने का प्रयास प्रबंधन कर रहा है. यह फैसला कोलियरी हित आैर मजदूर हित में नहीं है. बिरसा परियोजना का टारगेट पूरा करने के नाम पर एक बार डंपर यहां से चला गया, तो डंपर को वापस लाना मुश्किल हो जायेगा. पूर्व में भी प्रबंधन ने यहां से कई मशीनों को दूसरी परियोजनाओं को भेजा है, लेकिन वह अब तक मशीन वापस नहीं आयी है. मौके पर संजय वर्मा, सुधीर कुमार सिंह, सुरेश, मंजीत रंजन, कैलाशपति सिंह, महान सिंह, मनोज कुमार ने भी अपने विचार रखे.
प्रबंधन ने समझाने का प्रयास िकया : दो डंपरों को बिरसा परियोजना में भेजने की तैयारी की जा रही थी. मजदूरों को इसकी जानकारी होते ही मजदूर आंदोलित हो उठे. विरोध करते हुए डंपरों को ले जाने से रोक दिया. प्रबंधन ने यूनियन नेताओं के साथ वार्ता कर डंपर ले जाने के मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन यह वार्ता विफल हो गयी.
वार्ता में पीओ जीसी साहा, एसपी सिंह, यूनियन के उदय सिंह, संजय वर्मा, रमाकांत दुबे, देवेंद्र सिंह, संतोष यादव, उदय मालाकार शामिल थे. विरोध करनेवालों में राजकुमार साहू, सुखबीर करमाली, रविशंकर सतनामी, रंजीत राम, मुन्ना राम, सत्येंद्र सिंह, हीरालाल, श्रीकांत सिंह, सुनील सिंह, केपी सिंह, सुरेश बेदिया, विकासचंद्र डे, संजय नोनिया, विजय महतो, मो दाउद, शिवदेव उरांव, सुरेंद्र महतो, कन्हैया चौबे, कुलदीप माैजूद थे.
