घाटोटांड़ : सीसीएल की झारखंड उत्खनन परियोजना के लोकल सेल से कोयला लेने आये दर्जनों खाली ट्रकों में पानी भरे गैलन पाये गये. वजन में हेराफेरी करने के लिए कांटा कराने के समय पानी भरे गैलन रखे जाने की सूचना पा कर सुरक्षाकर्मियों ने ट्रकों की जांच की. जांच के दौरान करीब एक दर्जन से भी अधिक ट्रकों पर प्रति ट्रक 200 से 300 लीटर पानी गैलन में भर कर रखा पाया गया. कांटा कराने से पूर्व सुरक्षाकर्मियों ने पानी को फेंक दिया आैर ट्रक चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.
कैसे होती है वजन में हेराफेरी : कई लोकल सेल में ट्रकों द्वारा कोयले के वजन में हेराफेरी कर रोजाना लाखों का चूना लगाया जा रहा है.
यह धंधा कांटा बाबू, सुरक्षाकर्मी सहित संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से चलता है. वजन में हेराफेरी कर परियोजना से ज्यादा कोयला लेकर जाने वाले ट्रक जब खाली ट्रक का वजन कराने आते हैं, तभी खाली ट्रक में लोहा, पत्थर आैर गैलन में पानी भर कर रख दिया जाता है. इससे खाली ट्रक का वजन बढ़ जाता है.
कांटा कराने के बाद ट्रक के चालक व खलासी कोयला लोड कराने से पहले रास्ते में ही पत्थर, लोहा आदि ट्रक से उतार देते हैं. गैलन में रखे पानी को बहा दिया जाता है. इसके बाद कोयला लोड करा कर लोड ट्रक का वजन कराया जाता है.
इस तरह खाली ट्रक में जितना वजन का सामान व पानी रखा गया रहता है, उसे उतार देने के बाद उतना कोयला ट्रक पर अधिक आ जाता है.
