वार्ता की कोई पहल नहीं चिकित्सक पहुंचे
भुरकुंडा : पीटीपीएस छाई डैम एक के सीमांकन के विरोध में विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठे 18 आंदोलनकारियों में से कुछ की तबीयत बिगड़ गयी है. अनशन के दूसरे दिन पांच अनशनकारियों का रक्तचाप घट गया. इस सूचना पर शाम को प्रखंड के चिकित्सक मनोज पहुंचे व अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच की. चिकित्सक ने तेजी से बिगड़ रहे हालातवाले अनशनकारियों को अनशन तोड़ने की सलाह दी. लेकिन अनशनकारी तैयार नहीं हैं.
मौके पर विस्थापित नेताओं ने बताया कि आमरण अनशन से पूर्व सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया था. बावजूद इसके किसी ने भी अनशन को गंभीरता से नहीं लिया है. यह दुखद है. यहां तक कि आंदोलन शुरू होने के 36 घंटे के बाद भी मसले पर वार्ता की कोई पहल प्रशासन या प्रबंधन की ओर से नहीं की गयी. न्याय मिलने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर विस्थापितों के अलावा नारायण साव, मैनेजर साव, लक्ष्मी प्रसाद, पवन प्रजापति, कृष्णा प्रसाद, प्रदीप महतो, मो इरफान आदि मौजूद थे.
पहुंचे जनप्रतिनिधि, देंगे साथ : आमरण अनशन स्थल पर दूसरे दिन भी कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और विस्थापितों को उनकी लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया. जिला पार्षद अर्चना ने कहा कि यह लड़ाई जायज है. इनका अधिकार मिलना चाहिए. उपायुक्त ने ग्रामीणों को झांसा देने का काम किया है. ऐसे में ग्रामीणों का विश्वास जीतना प्रशासन व प्रबंधन के लिए मुश्किल होगा, जो औद्योगिक विकास में बाधक बन सकता है.
जिला पार्षद दर्शन गंझू ने कहा कि वर्षों से चली आ रही इस लड़ाई को सुलझाने का गंभीर प्रयास कभी भी प्रशासन और प्रबंधन ने नहीं किया. जेवीएम के जिला अध्यक्ष गोविंद बेदिया ने कहा कि पूरे मामले से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को अवगत कराते हुए उन्हें ग्रामीणों के बीच लाने का प्रयास किया जायेगा. झाविमो के केंद्रीय सदस्य दुर्गाचरण प्रसाद ने कहा कि बंदूक के बल पर हमारी आवाज कोई नहीं दबा सकता. राजद जिला अध्यक्ष प्रेम साहू ने कहा कि विस्थापित लड़ाई को जारी रखें, हम उनके साथ हैं.
पूरे राज्य का होगा चक्का जाम : सैनाथ : आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे रैयत विस्थापित मोरचा के केंद्रीय महासचिव सैनाथ गंझू ने कहा कि विस्थापितों की मांग जायज है. इन्हें भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत न्याय मिले. इनके आंदोलन को किसी कीमत पर कुचलने नहीं दिया जायेगा. जरूरत पड़ी तो पूरे राज्य का चक्का जाम कर दिया जायेगा.
मोरचा के केंद्रीय कोषाध्यक्ष रंजीत बेसरा ने कहा कि विस्थापित को हर बार धोखा देने का काम किया जाता है. सरकार व अधिकारी दोषी हैं. कहा कि जरूरत पड़ी तो कोल इंडिया का भी चक्का जाम करेंगे.
आंदोलन को मजबूती देंगे 24 गांव के विस्थापित : विस्थापित संघर्ष मोरचा पतरातू प्रखंड ने बैठक कर घोषणा की है कि छाई डैम एक के विस्थापितों की लड़ाई को और विस्तार दिया जायेगा. पीटीपीएस से विस्थापित 24 गांव के लोग उनके साथ मिल कर हक-अधिकार की यह लड़ाई लड़ेंगे.
बरघुटूवा स्कूल प्रांगण में बहादुर उरांव की अध्यक्षता में गुरुवार को संपन्न बैठक में पीटीपीएस प्रबंधन व प्रशासन के खिलाफ रोष जताया गया. एकजुटता की कसम खायी गयी. मौके पर नागेश्वर ठाकुर, अमरनाथ महतो, ननकू मुंडा, राजेंद्र ठाकुर, भोला मुंडा, नागेश्वर मुंडा, बालेश्वर ठाकुर, लीलू महतो, बासुदेव महतो, अर्जुन मुंडा, कार्तिक मुंडा, भुनेश्वर पाहन, लक्ष्मण सिंह, श्याम लाल ठाकुर, राम प्रसाद, बंशी महतो आदि मौजूद थे.
