भुरकुंडा (रामगढ़) : पीटीपीएस छाई डैम -एक का सीमांकन किये जाने के विरोध में विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणाें ने बुधवार काे बेमियादी आमरण अनशन शुरू किया. बासल थाना के पास रसदा, जयनगर व बलकुदरा गांव के 18 महिला-पुरुष अनशन पर बैठे हैं.
मौके पर नेताओं व जनप्रतिनिधियों ने उपायुक्त रामगढ़ व पीटीपीएस प्रबंधन की दमनकारी नीति की आलोचना की. कहा कि बंदूक की जोर पर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है. हम लोगों ने लड़ाई शुरू कर दी है. अंतिम सांस तक लड़ेंगे.
ये लाेग बैठे हैं भूख हड़ताल पर : आमरण अनशन पर जयनगर के मंटू कुमार, नगीना मुंडा, अजीत कुमार राम, भरनी देवी, विश्वकर्मा प्रजापति, रामचंद्र मुंडा, विमल देवी, शांति देवी, पोटइया देवी, बलकुदरा के कृष्णा सोनी, संतोषी देवी, फूल कुमारी देवी, अगनी देवी, नकुल साव, बबीता देवी, रेशमी देवी, गोपाल मुंडा, रसदा के रामेश्वर साव शामिल हैं. मौके पर आजसू नेता रोशनलाल चौधरी, रामगढ़ जिला परिषद अध्यक्ष ब्रह्मदेव महतो, उपाध्यक्ष सरिता देवी, पार्षद संजीव बेदिया, दर्शन गंझू, डॉली देवी, नरेश महतो, शोभा देवी, चंद्रमणी देवी, प्रमुख रीता देवी, उप प्रमुख रामाशंकर पांडेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.
नये सिरे से अधिग्रहण चाहते हैं ग्रामीण
पीटीपीएस में एनटीपीसी द्वारा चार हजार मेगावाट पावर प्लांट लगाने के लिए पूर्व में पीटीपीएस द्वारा अधिग्रहित की गयी भूमि का सीमांकन किया जा रहा है. इसी क्रम में पीटीपीएस छाई डैम – एक की 432 एकड़ जमीन का भी सीमांकन हो रहा है. इसका ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं.
उनका कहना है कि पूर्व में अधिग्रहण के बदले उन्हें आज तक नौकरी, मुआवजा, पुनर्वास नहीं मिला है. अन्य सुविधाएं भी नहीं दी गयी. ग्रामीण भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत नये सिरे से अधिग्रहण करने व सभी सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं.
