2बीएचयू-5- प्रवचन करते पंडित.उरीमारी. मनुष्य के सही-गलत कर्मों का फल उसके जीवनकाल में ही मिलता है. यह बात अयोध्या नगरी से आये प्रवचनकर्ता पंडित विजय नारायण शरण ने सयाल के आठ नंबर स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे शत चंडी महायज्ञ में कही. संगीतमय प्रवचन के प्रस्तुति के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने व उनके त्याग की भावना से शिक्षा लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि ईश्वर से जुड़ाव के लिए व्यक्ति को किसी माध्यम की जरूरत नहीं है. ईश्वर को अपने हृदय में आत्मसात करने की जरूरत है. यज्ञ का समापन चार मई को भंडारा के साथ किया जायेगा. इधर, वाराणसी से आये यज्ञाचार्य डॉ अजय हरि जी शुक्ल के यज्ञ का संचालन कर रहे हैं. यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए प्रतिदिन सैकड़ों भक्त पहुंच रहे हैं.
श्रीराम के आदर्शों को अपनायें : पंडित विजय
2बीएचयू-5- प्रवचन करते पंडित.उरीमारी. मनुष्य के सही-गलत कर्मों का फल उसके जीवनकाल में ही मिलता है. यह बात अयोध्या नगरी से आये प्रवचनकर्ता पंडित विजय नारायण शरण ने सयाल के आठ नंबर स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे शत चंडी महायज्ञ में कही. संगीतमय प्रवचन के प्रस्तुति के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों […]
