सर्वदलीय बैठक में भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने की घोषणाफोटो 23आर-ई-बैठक में शामिल पूर्व सांसद व भाकपा के पदाधिकारी.रामगढ़. पूरे देश के किसान आंदोलित हैं. नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसानों को दी गयी सुविधाओं को हटाने व कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में भूमि अधिग्रहण कानून लाया है. इसके खिलाफ चार मई को झारखंड बंद किया गया है. उक्त बातें पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने गुरुवार को भाकपा जिला कार्यालय में आयोजित सर्वदलीय बैठक में कही. उन्होंने कहा कि बंदी में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व एक दर्जन से अधिक सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों के नेताआंें की उपस्थिति में 20 अप्रैल को रांची में लिया गया है. उन्होंने कहा कि 1894 में भूमि अधिग्रहण कानून अंग्रेजों ने बनाया था. इस कानून को यूपीए टू की सरकार ने 2013 में किसानों के हित में दोनों सदनों में हर्ष ध्वनि से पारित किया गया. फिर इतनी जल्दी मोदी की सरकार को क्यों बदलने की जरूरत है. जब यह कानून वापस नहीं होता है, तब तक इसके विरोध में आंदोलन चलता रहेगा. बैठक की अध्यक्षता मासस जिलाध्यक्ष मिथिलेश सिंह ने किया. बैठक में सर्वसम्मति से बंद को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया, जिसके संयोजक महेंद्र पाठक को बनाया गया. बंदी को लेकर 30 अप्रैल को रामगढ़ में सेमिनार का आयोजन किया जायेगा. बंद के दौरान गोला डीवीसी चौक, कुजू के नयामोड़, सुभाष चौक , पटेल चौक कांकेबार व भुरकुंडा रेलवे स्टेशन को जाम किया जायेगा. बैठक में सीपीआइ के मंगल सिंह ओहदार, महेंद्र पाठक, घनेनाथ चौधरी, जीतू महतो, मेवालाल, वासुदेव साव, डॉ सुशील कुमार, निरंजन मुंडा, मुमताज अंसारी, महबूब अंसारी, गोविंद बेदिया, राजकुमार केसरी, गुलजार अंसारी, अशोक यादव आदि मुख्य रूप से मौजूद थे.
भूमि अधिग्रहण के खिलाफ झारखंड बंद चार को
सर्वदलीय बैठक में भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने की घोषणाफोटो 23आर-ई-बैठक में शामिल पूर्व सांसद व भाकपा के पदाधिकारी.रामगढ़. पूरे देश के किसान आंदोलित हैं. नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसानों को दी गयी सुविधाओं को हटाने व कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में भूमि अधिग्रहण कानून लाया है. इसके खिलाफ चार मई को झारखंड बंद किया […]
