मजहब नहीं सिखाता है आपस में बैर रखना फोटो फाइल : 24 चितरपुर ई मंजूर खानचितरपुर.मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना. इसी बात को चरितार्थ किया है लारी निवासी मंजूर खान (69 वर्ष) ने. रामनवमी पर्व आते ही मंजूर खान का नाम लोगों की जुबां पर आ जाती है. वे इस क्षेत्र के लिए सांप्रदायिक सदभावना के मिसाल भी है. इनके नाम से पिछले 35 वर्षों से रामनवमी झंडे का लाइसेंस प्रशासन द्वारा निर्गत किया जा रहा है. इसमें पसरा टोला, बंगाली टोला, कोचा टोला, साधु पोखरा, जतरा टुंगरी, महावीर मंदिर लारी, सुकरीगढ़ा चैती दुर्गा मंदिर, भंडार टोला, काली टोला आदि का लाइसेंस शामिल है. वे रामनवमी जुलूस के साथ घूमते हैं और अखाड़े में लाठी भी खेलते हैं.
मंजूर खान के नाम से मिलता है रामनवमी झंडे का लाइसेंस
मजहब नहीं सिखाता है आपस में बैर रखना फोटो फाइल : 24 चितरपुर ई मंजूर खानचितरपुर.मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना. इसी बात को चरितार्थ किया है लारी निवासी मंजूर खान (69 वर्ष) ने. रामनवमी पर्व आते ही मंजूर खान का नाम लोगों की जुबां पर आ जाती है. वे इस क्षेत्र के लिए […]
