डीसी को जांच रिपोर्ट सौंपी गयी

प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने बिजुलिया तालाब के संबंध में मांगी थी जानकारीरामगढ़. नौ फरवरी को आयोजित जनता दरबार में बिजुलिया तालाब के प्रदूषित होने का मामला उठा था. इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बिजुलिया तालाब का निरीक्षण किया था. इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी गयी […]

प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने बिजुलिया तालाब के संबंध में मांगी थी जानकारीरामगढ़. नौ फरवरी को आयोजित जनता दरबार में बिजुलिया तालाब के प्रदूषित होने का मामला उठा था. इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बिजुलिया तालाब का निरीक्षण किया था. इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी गयी है. प्रदूषण नियंत्रण परिषद के क्षेत्रीय पदाधिकारी रवींद्र प्रसाद व कनीय पर्यावरण अभियंता गोपाल कुमार के हस्ताक्षर से जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपा गया है. रिपोर्ट में लिखा गया है कि तालाब मत्स्य विभाग के अधीन है. इसका कुल क्षेत्रफल 25 एकड़ है. तालाब में चार नर्सरी पौंड है, जो मिट्टी व घास से भरा है. तालाब के चारों ओर कैचमेंट ड्रेन नहीं रहने के कारण घरेलू नालियों को भी तालाब में बहाया जाता है. इसके कारण पानी प्रदूषित हो रहा है. इसके संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सुझाव दिया है कि तालाब के कैचमेंट एरिया व संग्रह क्षेत्र में मल-मूत्र त्याग करने पर रोक लगायी जाये.

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