शहर के विकास कार्य में आयेगी तेजी
रामगढ़ : रखंड सरकार ने छावनी परिषद, रामगढ़ को सरकारी अनुदान देने का फैसला किया है. छावनी परिषद को राज्य की नगरपालिकाओं की तर्ज पर अनुदान दी जायेगी. इससे संबंधित आदेश झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग ने जारी कर दिया है. राज्य सरकार के इस निर्णय से रामगढ़ शहर के विकास में तेजी आयेगी. यहां के नागरिकों को भी अधिक सुविधा मुहैया हो सकेगी.
ज्ञात हो कि देश की 62 छावनी परिषद रक्षा मंत्रलय द्वारा मिलने वाली अनुदान पर संचालित होती है. आबादी बढ़ने के साथ रक्षा मंत्रलय अनुदान में वृद्धि करती रही है. बढ़ती आबादी को देखते हुए रक्षा मंत्रलय व सेना द्वारा कई बार राज्य सरकार से छावनी परिषद को भी अनुदान देने का अनुरोध किया गया था. इस पर कार्रवाई करते हुए राज्य में नगर पालिकाओं की तरह अनुदान देने का निर्णय लिया है. रामगढ़ छावनी परिषद को इससे पूर्व भी राज्य सरकार द्वारा सामान्य राशि अनुदान के रूप दी जाती थी. वर्ष 1995 तक अस्पताल में अनुदान के रूप में पांच-छह हजार की राशि दी जाती थी.
बाद में यह राशि बंद हो गयी थी. वर्तमान में राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा छावनी परिषद के विद्यालयों के लिए लगभग दो दर्जन स्थायी व पारा शिक्षक दिये गये हैं. अभी हाल में ही झारखंड में रघुवर सरकार बनने के बाद झारखंड सरकार के राजस्व सचिव द्वारा रामगढ़ के एसी कार्यालय के माध्यम से छावनी परिषद के संबंध में जानकारी मंगायी गयी थी. 27 फरवरी को छावनी परिषद की ओर से स्थापना से लेकर अब तक की जानकारी, परिषद में सरकार के नामित सदस्य, वार्डो की संख्या, जनसंख्या आदि की विस्तृत जानकारी अपर समाहर्ता कार्यालय में जमा की गयी थी.
रामगढ़ छावनी परिषद को लगभग 30 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रलय से मिलते हैं
छावनी परिषद रामगढ़ को रक्षा मंत्रलय से प्रतिवर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये अनुदान में मिलते हैं. इसमें कर्मचारियों के वेतन भी शामिल है. परिषद द्वारा लगभग 40 से 50 करोड़ रुपये का बजट बना कर भेजा जाता है. इसमें लगभग 25 से 30 करोड़ तक रुपये केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रलय द्वारा दिया जाता है. अब राज्य सरकार द्वारा भी अनुदान दिये जाने से निश्चित तौर पर छावनी परिषद को मजबूती मिलेगी तथा शहर में विकास कार्यो मे गति आयेगी. साथ ही नागरिकों को भी अधिक नागरिक सुविधा मुहैया हो पायेगी.
