गंदगी ही पहचान है रामगढ़ बस स्टैंड की

रामगढ़ : यात्री सुविधाओं के नाम पर बदहाल है रामगढ़ का नया बस स्टैंड. छावनी परिषद द्वारा संचालित इस बस स्टैंड में यात्री सुविधाओं का अभाव है. इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शहर में दो वाहन पड़ाव हैं. छावनी परिषद कार्यालय के समीप का वाहन पड़ाव पुराना है. यहां अब […]

रामगढ़ : यात्री सुविधाओं के नाम पर बदहाल है रामगढ़ का नया बस स्टैंड. छावनी परिषद द्वारा संचालित इस बस स्टैंड में यात्री सुविधाओं का अभाव है. इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शहर में दो वाहन पड़ाव हैं. छावनी परिषद कार्यालय के समीप का वाहन पड़ाव पुराना है. यहां अब केवल ट्रेकर व टेंपो खड़े होते हैं.

बाद में बनने के बाद बिजुलिया स्थित बस स्टैंड को नया बस स्टैंड कहा जाता है. इस स्टैंड में बस का पड़ाव होता है. इस बस स्टैंड का उद्घाटन 2002 में तत्कालीन विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने किया था. वर्तमान में यह बस स्टैंड देखरेख के अभाव में बदहाल हो गया है. वर्तमान में हालात यह है कि बस स्टैंड में गंदगी का आलम है. बस स्टैंड में बना पेशाबखाना उपयोग लायक नहीं है. मजबूरी में यात्री इधर-उधर पेशाब करने को मजबूर हैं. पेशाबखाना के बाहर पेशाब बहते रहते हैं. एक शौचालय चालू है. लेकिन यहां पेशाब के लिए भी पैसे लिए जाते हैं.
पेशाबखाना के अभाव में सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है. यात्री शेड के फर्श उखड़ गये हैं तथा यात्री शेड गंदे हैं. हालात देख कर प्रतीत होता है कि प्रतिदिन बस स्टैंड की सफाई भी नहीं होती है. छावनी परिषद ने यात्रियों के लिए पेयजल की भी व्यवस्था नहीं करायी है. पेयजल के लिए बनायी गयी टंकी गंदे व जर्जर हो गयी है. पुराने बस स्टैंड में दो शौचालय व एक पेशाब खाना की स्थिति कुछ ठीक है. यहां पेयजल सुविधा का अभाव है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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