रामगढ़ : हत्या के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एडीजे चतुर्थ के न्यायालय ने हत्या के एक मामले में आरोपी चितरपुर निवासी विजय करमाली को कुंती देवी की हत्या का दोषी करार दिया है. मामला घाटो थाना क्षेत्र का है. इसमें कुंती देवी 29 जनवरी 2016 को अपने सारूबेरा स्थित सीसीएल क्वार्टर से नौकरी पर जाने के लिए निकली.
जब शाम तक वह नहीं लौटी, तो उसकी सास शांति देवी ने अपनी बहू की खोज प्रारंभ की. इसी क्रम में कुंती देवी के पड़ोसी के मोबाइल पर एक एसएमएस आया. इसमें लिखा था कि पैसे देकर कुंती को छुड़ा कर ले जाओ. उसके बाद दूसरा एसएमएस कुंती देवी के फुफेरे जीजा के मोबाइल पर भी इसी तरह का आया.
इसके बाद कुंती देवी की सास व परिजनों ने उसकी खोजबीन की. जब उसका पता नहीं चला, तो दो फरवरी को पूरे मामले की जानकारी शांति देवी ने घाटो थाना को दी. पुलिस ने घटना की छानबीन की. इसी बीच तीन फरवरी को पुलिस को गुप्त जानकारी मिली कि एक क्षत -विक्षत शव गिद्दी बेलथरिया फैक्ट्री जाने वाले रास्ते में है. पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंच कर कुंती देवी के सास को बुलाया, तो मृतक की पहचान कुंती देवी के रूप में की गयी.
इस मामले में पुलिस के अनुसंधान तथा मोबाइल नंबर के ट्रैकिंग करने पर चितरपुर निवासी विजय करमाली को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया. न्यायालय ने प्रस्तुत किये गये साक्ष्यों और गवाहों के साथ-साथ लोक अभियोजक आरबी राय द्वारा प्रस्तुत दलीलों को सुनने के बाद विजय करमाली को दोषी करार दिया. सजा सुनाने के लिए 19 जुलाई की तिथि न्यायालय द्वारा तय की गयी है.
