रामगढ़ : भाकपा माले जिला कार्यालय में संयुक्त वामपंथ के नेताओं ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर राजेंद्र बिरहोर की मौत के मामले की जानकारी दी. नेताओं ने कहा कि संयुक्त वामपंथ की जांच टीम में मासस के मिथिलेश सिंह, सीपीआइ के महेंद्र पाठक, मंगलसिंह ओहदार, मो क्यूम, भाकपा माले के भुनेश्वर बेदिया, देवकीनंदन बेदिया व चामू साव शामिल थे.
शनिवार सुबह संयुक्त वामपंथी दलों की जांच टीम जरहैया टोला पहुंच कर राजेंद्र बिरहोर की मौत के संबंध में उसकी बड़ी बेटी रेखा कुमारी, पत्नी शांति देवी व अन्य ग्रामीणों से बातचीत की. पत्नी शांति देवी ने टीम को बताया कि हमारे परिवार के पास राशन कार्ड नहीं है. हमलोगों को राशन नहीं मिल रहा था. मेहनत मजदूरी कर कमाते थे.
वामपंथी नेताओं ने कहा कि राजेंद्र बिरहोर को बिना पोस्टमार्टम के ही दफनाया गया है. उसके परिवार में छह बच्चे हैं. रेखा कुमारी, तिरती कुमारी, पंकज बिरहोर, सुदामा बिरहोर, उज्ज्वल बिरहोर, अमित बिरहोर शामिल हैं. नेताओं ने कहा कि राजेंद्र बिरहोर की मौत भूख से हुई है. सरकार बीमारी से मौत की बात बता रही है.
सरकार द्वारा मांडू एमओ का निलंबन व डीएसओ को शो-कॉज से साबित होता है कि यह मौत भूख से हुई है. संयुक्त वामपंथी दल जिला में भूख से हुई मौत पर एक अगस्त को मांडू प्रखंड में धरना-प्रदर्शन करेगा. प्रेसवार्ता में बासुदेव साव, भुनेश्वर बेदिया, मो शफीक, सरयू बेदिया, अमल घोष, बसंत कुमार मौजूद थे.
