रजरप्पा : इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे सोमवार को रजरप्पा प्रोजेक्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ऑफिसर्स क्लब में यूनियन नेताओं के साथ बैठक की. साथ ही यूनियन की मजबूती को लेकर सदस्यता अभियान चलाने का निर्देश दिया. श्री दुबे ने इंटक कार्यकर्ताओं से सीसीएल रजरप्पा व वाशरी के बारे में जानकारी ली. तत्पश्चात पत्रकारों से बाचतीत के क्रम में श्री दुबे ने कहा कि रजरप्पा वाशरी सीसीएल को प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये का मुनाफा देती है.
इसके बावजूद वाशरी आज बंदी के कगार पर पहुंच गयी है. लेकिन मेरी सांसें जब तक चल रही है किसी भी हाल में वाशरी को बंद नहीं होने दिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय व इनका शोषण इंटक कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. साथ ही मजदूरों के सुख, सुविधओं में कोई कटौती हुई, तो इंटक इसका मुंहतोड़ जवाब देगी. मजदूरों के शोषण के खिलाफ इंटक आंदोलन भी करेगी. श्री दुबे ने कहा कि सम्मान के साथ समझौता हुआ, तो ही इंटक का विलय हो सकता है. इस संदर्भ में संजीव रेड्डी के साथ पहले चरण में वार्ता हुई है. अब दूसरे चरण में 12, 13 व 14 जुलाई को दिल्ली में बैठक होगी. निष्कर्ष के बाद ही दोनों ओर से लोग बैठकर सुलहनामा का फैसला करेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान स्थिति व मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए दोनों गुट संगठित होकर कार्य करेंगे, तो ज्यादा अच्छा होगा.
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दूबे के रजरप्पा पहुंचने पर स्थानीय यूनियन नेताओं ने माल्यार्पण कर इनका जोरदार स्वागत किया. मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष नन्हकूनाथ चौधरी, हाजी अख्तर आजाद, राजेंद्रनाथ चौधरी, असलम खान, चिंतामन मांझी, शनिचर मांझी, मनीष पांडेय, नंदकिशोर दास, प्रदीप अग्रवाल, अजय कुमार सिंह, मिन्हाज अंसारी, एस के घोष, खुर्शीद आलम, कुर्बान अंसारी, विपीन बिहारी सिंह सहित कई मौजूद थे.
