हत्या के मामले में अवधेश सिंह व ददन सिंह को 60 हजार का जुर्माना भी देना होगा
रामगढ़ : व्यवहार न्यायालय एसटी नंबर 223/16 कुजू ओपी कांड संख्या 218/15 की सुनवाई करते हुए एडीजे तृतीय न्यायालय ने हत्या के मामले में अवधेश सिंह व ददन सिंह को दोषी करार दिया था. न्यायालय ने दोषी करार किये गये अवधेश सिंह व ददन सिंह को धारा 302 के तहत उम्र कैद आैर 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माना की राशि नहीं जमा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास आैर धारा 201 के तहत सात वर्ष की सजा व 10-10 हजार का जुर्माना लगाया गया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी गयी. सभी सजा साथ-साथ चलेगी. घटना 16 मई 2015 से 20 मई 2015 के बीच का है.
मामले की सूचना मथुरा पाल ने कुजू ओपी में दी थी. बाद में दुर्गा पाल का शव कुजू के रऊता जंगल में मिला था. अनुसंधान में प्रेम- प्रसंग को लेकर हत्या का मामला सामने आया. औरंगाबाद निवासी दुर्गा पाल ने अपने शिक्षक प्रवीण कुमार को मैसेज भेजा था. इसमें लिखा गया था कि अगर हमें कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार अवधेश सिंह व ददन सिंह होंगे. पूरे मामले में न्यायालय में 10 गवाह पेश किये गये. मामले के अनुसंधानकर्ता बालकिशन भगत व रविकांत प्रसाद ने न्यायालय में हत्या से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किये. इसके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया. गुरुवार को सजा सुनायी गयी.
