रामगढ़: स्कूलों से हटाई गयी रसोइया और संयोजिकाओं ने समाहरणालय के समक्ष 14 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार से पांच दिवसीय धरना दिया. इसका नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति और प्रेमनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार हमसे 2004 से मात्र 42 रुपये रोजाना पर काम करा रही है.
राज्य सरकार से मानदेय बढ़ाने की बात कही जाती है, तो काम से हटा दिया जाता है. तीन अक्तूबर से लेकर सात अक्तूबर तक डीएसइ कार्यालय के समक्ष धरना देने का निर्णय लिया गया है.
इनकी मांगों में संयोजिका- रसोइया को वापस रखने, संयोजिका काे भी रसोइया की तरह मानदेय देने, रसोइया- संयोजिका का मानदेय 18 हजार लागू करने, रसोइया- संयोजिका और अध्यक्ष को नियुक्ति पत्र जारी कर 60 वर्ष तक काम करने का अधिकार देने, रसोइया- संयोजिका और अध्यक्ष को परिचय पत्र निर्गत करने, अध्यक्षों को मानदेय देने, विद्यालय में मध्याह्न भोजन संचालन और खरीदारी करने की जिम्मेवारी नियमानुसार संयोजिका को देने, सभी रसोइया- संयोजिका का नि:शुल्क बीमा करना प्रमुख है. धरना में अनिता देवी, देवकी देवी, गीता देवी, वृंदा देवी, शिवनारायण महतो, गीता देवी, अवधेश सिंह, गुड़िया देवी, सावित्री देवी शामिल थे.
