झारखंड के विभिन्न जिलों से इंजीनियर बनने के सपने लेकर यहां दाखिला लेने के बाद जब उन्हें कॉलेज की हकीकत को करीब से देखा, तो उनका सपना टूट कर बिखरने लगा. कॉलेज में कथित मनमानी, धांधली और छात्रों के प्रति शोषण की नीति में सुधार के लिए छात्र एकजुट हुए. अपनी समस्याओं को प्राचार्या के माध्यम से प्रबंधन तक पहुंचाना चाहा, लेकिन उनकी आवाज नहीं सुनी गयी. छात्र अबतक दर्जनों बार कॉलेज में तालाबंदी व भूख हड़ताल कर चुके हैं. कॉलेज के कुछ शिक्षकों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया, तो प्रबंधन ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. ना उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया और ना ही उन्हें सफाई देने का मौका दिया गया. सीधे उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. मैकेनिकल विभाग के एचओडी आरएस प्रसाद, पूर्व प्राचार्य डॉ यूएस यादव, प्रोफेसर रोशन गुप्ता सहित कई शिक्षकों पर दमनात्मक कार्रवाई प्रबंधन द्वारा की गयी. जिसका छात्र विरोध कर रहे है.
कॉलेज में पठन-पाठन प्रभावित छात्रों व प्रबंधन के बीच एक लंबे समय से चल रहे टकराव के कारण कॉलेज का शैक्षणिक माहौल बुरी तरह से प्रभावित हो गया है. पिछले कई दिनों से कॉलेज में पठन-पाठन का कार्य ठप है. जिस तरह से कॉलेज के छात्रों का गुस्सा भड़क रहा है. इससे कॉलेज में कभी भी कानून व व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है. कॉलेज प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए प्रभात खबर ने प्राचार्या के मोबाइल नंबर 9334170686 पर संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन प्राचार्या ने फोन नहीं उठाया. जिस कारण कॉलेज प्रबंधन का पक्ष नहीं लिया जा सका.
