भुरकुंडा: सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र अंतर्गत सौंदा डी व सेंट्रल सौंदा परियोजना क्षेत्र में भू-धंसान लगातार जारी है. सौंदा डी-पतरातू मुख्य मार्ग पर महज एक पखवारे पहले हुई भू-धंसान की घटना के बाद रविवार की सुबह सौंदा डी-सेंट्रल सौंदा मुख्य मार्ग का एक बड़ा हिस्सा धंस गया. सड़क 10 मीटर की परिधि में धंस गयी है. इसकी गहराई भी 10 फीट के आसपास है. इस भयावह मंजर को देख कर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गयी. आनन-फानन में सीसीएल प्रबंधन ने मार्ग को बंद कर दिया. धंसान वाली सड़क की भराई जेसीबी से की.
प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर भू-धंसान वाले रास्ते को बंद कर कच्चा डायवर्सन बना दिया है. डायवर्सन भी असुरक्षित है. यह पूरा क्षेत्र वर्षों से भू-धंसान की जद में है. जिस जगह रविवार को भू-धंसान की घटना हुई है, वहां से कुछ दूरी पर पांच-छह वर्ष पूर्व परियोजना कार्यालय भी हुआ करता था. जब भू-धंसान की आंच कार्यालय पर पड़ी, तो उसे अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया. प्रबंधन ने आग पर काबू पाने का कोई ठोस उपाय नहीं किया. इसके कारण अब आम जनजीवन पर खतरा मंडराने लगा है.
सौंदा डी-पतरातू मार्ग पर भू-धंसान के बाद सरकार व सीसीएल प्रबंधन ने अपनी तरफ से इस रोड को डेंजर जोन घोषित कर दिया है. बकायदा इसके लिए मार्ग पर पथ निर्माण विभाग ने बोर्ड भी लगा दिया है. इस मार्ग को अवरुद्ध नहीं किया है. हर दिन सैकड़ों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं. इस सड़क पर चलनेवाले लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं.
