रामगढ़/रांची: झारखंड के चार जिले धनबाद, रामगढ़ पश्चिम सिंहभूम आैर बोकारो में करीब 1050 करोड़ रुपये की लागत से 26 पेयजल परियोजनाआें की जल्द ही शुरुआत की जायेगी. इन परियोजनाआें को पूरा हो जाने के बाद राज्य के खनन वाले इन चार जिलों के लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा. इन परियोजनाआें की शुरुआत करने के लिए शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रामगढ़ से तमाम 26 पेयजल परियोजनाआें की आधारशिला रखी है.
इस खबर को भी पढ़ेंः झारखंड कैबिनेट: पेयजल संकट आपदा घोषित
रामगढ़ में आयोजित कायर्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि राज्य मे पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार की आेर से एेतिहासिक 26 पेयजल परियोजनाआें का काम एक साथ शुरू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाआें की एक साथ शुरुआत करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार की आेर से राज्य के चार प्रभावित जिलों के लोगों को पेयजल की उपलब्धता को सुलभ बनाने के लिए एकमुश्त इतनी बड़ी राशि मुहैया करायी जा रही है.
इस खबर को भी पढ़ेंः झारखंड:मंत्री ने माना गंभीर पेयजल संकट, दूर करेंगे 30 जून तक विभाग में छुट्टियां रद्द
इसके साथ ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने देश के खनन क्षेत्रों में जिला खनन फाउंडेशन ट्रस्ट की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की. उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में भूमिगत पेयजल का स्तर काफी नीचे चला गया है और खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लंबे अरसे से पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है. आलम यह कि गर्मी के दिनों में पेयजल के लिए इन चार जिलों के लोगों में हाहाकार मचा रहता है, लेकिन इन 26 परियोजनाआें की शुरुआत हो जाने के बाद यहां के निवासियों को पेयजल संकट से निजात मिल जायेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि खनन वाले राज्यों को उससे संबंधित जिलों के विकास के लिए करीब 30 फीसदी रॉयल्टी दी जाती है. प्रधानमंत्री मोदी की आेर से शुरू किये गये जिला खनन फाउंडेशन ट्रस्ट के लिए झारखंड को 1050 करोड़ रुपये दिया गया है. मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपील की कि सरकार का सहयोग करने के लिए अमीर लोगों को गरीब परिवारों के लिए 10 शौचालय बनवाने चाहिए और सरकार 2019 तक झारखंड को खुले में शौच से मुक्त राज्य बनाने के लिए काम कर रही है.
