स्कूली बच्चों की प्रभातफेरी से गूंजा नशामुक्ति का संदेश

लोइंगा पंचायत के विभिन्न विद्यालयों से शुक्रवार को नशामुक्ति और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत प्रभातफेरी निकाली गयी.

पाटन. लोइंगा पंचायत के विभिन्न विद्यालयों से शुक्रवार को नशामुक्ति और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत प्रभातफेरी निकाली गयी. यह पहल अंगरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अंगरा हरिजन टोला, अंगरा अंवराही टोला न्यू प्राथमिक विद्यालय व आरेदाना उत्क्रमित मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने की. प्रभातफेरी अपने-अपने विद्यालयों से निकलकर विभिन्न रास्तों से होते हुए अंगरा उमवि मैदान में एक सभा में परिवर्तित हुई. इस सभा की अध्यक्षता आरेदाना उमवि के प्रधानाध्यापक ब्रह्मदेव कुमार व जबकि संचालन अंगरा उमवि के प्रधानाध्यापक आनंद दुबे ने किया. नशा और डायन प्रथा समाज के लिए कोढ़ मुख्य अतिथि पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार सिंह (पाटन अंचल) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नशा और डायन प्रथा आज समाज के लिए सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयां हैं. नशा न केवल सामाजिक और आर्थिक बल्कि मानसिक व शारीरिक नुकसान भी करता है. घरेलू कलह, सड़क दुर्घटनाएं और अपराध की जड़ में कहीं न कहीं नशा ही होता है. उन्होंने यह भी बताया कि गुटखा, तंबाकू और शराब का सेवन मुंह के कैंसर और अन्य घातक बीमारियों का कारण बन रहा है. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज जागरूक होगा. डायन प्रताड़ना गंभीर अपराध थाना प्रभारी शशि शेखर पांडेय ने कहा कि डायन कहकर किसी महिला को प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है. इस मामले में सख्त कानूनी प्रावधान हैं, जिसमें आरोपी को जेल जाना पड़ सकता है और जमानत भी नहीं मिलती. उन्होंने जोर देकर कहा कि अंधविश्वास को समाप्त करने के लिए जन-जागरूकता और सामाजिक पहल जरूरी है. जब तक लोग शिक्षित और जागरूक नहीं होंगे, तब तक ऐसी कुरीतियां समाज में जड़ जमाए रहेंगी. नशे के खिलाफ गूंजे बच्चों के नारे प्रभातफेरी में शामिल स्कूली बच्चों ने नशे के खिलाफ नारे लगाए, जैसे नशा को दूर भगाना है, स्वच्छ भारत बनाना है, जिसने नशे को हाथ लगाया, उसने मौत को गले लगाया, नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो. इन नारों ने क्षेत्र के लोगों को काफी प्रभावित किया और माहौल को जागरूकता से भर दिया. समाजसेवियों और शिक्षकों ने की भागीदारी इस मौके पर विद्यालय के अन्य प्रधानाध्यापक रामसुंदर मोची, समाजसेवी रमेश कुमार, दिनेश दुबे, खैकू राम, पच्चू राम, सेविका इंदु देवी, विद्यालय की अध्यक्ष, संयोजिका, रसोइया सहित कई ग्रामीण एवं शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक प्रयास बताया।

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Author: DEEPAK

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