झारखंड में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति दयनीय

शहर के पलामू क्लब परिसर में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया.

मेदिनीनगर. शहर के पलामू क्लब परिसर में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया. झारखंड राज्य दिहाड़ी मजदूर यूनियन व झारखंड लोकल बोडिज इंप्लाइज फेडरेशन की मेदिनीनगर नगर निगम इकाई ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया. मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया कंस्ट्रक्शन मजदूर यूनियन के महासचिव विजयन कुनसेरी मौजूद थे. इसकी अध्यक्षता दिहाड़ी मजदूर यूनियन के गौतम कुमार ने की. अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में मजदूरों की दशा, दिशा और सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गयी. मुख्य अतिथि कंस्ट्रक्शन मजदूर यूनियन के महासचिव विजयन कुनसेरी ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के हितों की रक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. झारखंड के मजदूरों की हालत दयनीय है. खास कर असंगठित क्षेत्र में काम करनेवाले मजदूरों को रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है. राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण यह स्थिति बनी है. झारखंड में राज्य सरकार ने बालू के उठाव पर रोक लगा दी है. इस कारण भी निर्माण का कार्य प्रभावित है और मजदूर रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं. मजदूरों के बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के मजदूरों को सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है. क्योंकि वहां के मजदूर संगठित है और अपने हक अधिकार के लिए सजग व जागरूक रहते हैं. सीपीआइ नेता केडी सिंह ने कहा कि भारत ही नहीं पूरी दुनिया में मजदूरों की मेहनत की बदौलत ही किसी भी तरह का विकास कार्य होता है. मजदूरों के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती. लेकिन मजदूरों की दशा को समझने व सुधारने वाला कोई नहीं है. केंद्र की भाजपा सरकार श्रम कानूनों को समाप्त करना चाहती है. इसके बहाने आम जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दे से सरकार भटका रही है. दिहाडी मजदूर यूनियन के राजीव कुमार ने कहा कि सरकार के एजेंडे में मजदूर नहीं है. केंद्र की भाजपा सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है. मजदूरों के हितैषी श्रम कानूनों में बदलाव करना सरकार की मंशा है. इससे मजदूरों के हक अधिकार पर आंच आयेगी. उन्होंने कहा कि आउट सोर्सिंग कंपनी मजदूरों का शोषण करती हैं. सरकार को चाहिए कि मजदूरों की सीधी नियुक्ति करें. साथ ही न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाये. गोष्ठी में शामिल यूनियन के लोगों ने आउट सोर्सिंग कंपनी के खिलाफ मजदूरों के हित में मुखर आंदोलन की जरूरत बतायी. मौके पर फेडरेशन के अध्यक्ष विशुन राम, सचिव दिव्या भगत, यूनियन के मनोज तिवारी, सुषमा मुरमा, इप्टा के प्रेम प्रकाश सहित कई लोगों ने विचार व्यक्त किये. इससे पहले टाउन हाल परिसर से रैली निकाली गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Satyaprakash pathak

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >