सिदको किसानों को निःशुल्क उपलब्ध करायेगा लाह कीट 540 किसानों को लाह उत्पादन के लिए मिला है प्रशिक्षण शिवेंद्र कुमार : मेदिनीनगर पलामू जिले में किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए पलाश और बैर के पेड़ों से लाह उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना चल रही है. इस पहल के तहत 503 किसानों के खेतों में कुल 1,33,416 पलाश के पेड़ चिन्हित किये गये हैं. किसानों को लाह उत्पादन के लिए प्रशिक्षित करने का कार्य सिद्धो कानू कृषि एवं वनोपज राज्य सरकारी संघ (सिदको) रांची द्वारा किया जा रहा है. अब तक लगभग 540 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें चैनपुर व्यापार मंडल के 240 किसान भी शामिल हैं. प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को लाह उत्पादन से संबंधित टूलकिट भी उपलब्ध करायी गयी है, जिसमें सीढ़ी, स्प्रे मशीन, कटार, कैंची, चाकू, दौली और दवाइयां जैसी आवश्यक सामग्री दी गयी है. लाह उत्पादन की प्रक्रिया में पहले पेड़ों की छंटाई की जाती है, जिससे नयी डालियां निकलती हैं. अक्तूबर माह में इन डालियों पर लाह बीज चढ़ाया जाता है. इसके बाद लाह फैलकर पेड़ों पर जम जाता है और मार्च से इसका उत्पादन शुरू होता है. एक पेड़ से औसतन 4 से 6 किलो लाह प्राप्त होता है. किसानों से यह लाह सिदको द्वारा 1200 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जायेगा. इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे. प्रखंडवार चिन्हित पेड़ों की संख्या इस प्रकार है मेदिनीनगर सदर में 3,940, लेस्लीगंज में 47,291, चैनपुर में 969, पाटन में 65, छतरपुर में 41,030, नौडीहा बाजार में 1,560, नावाबाजार में 38,075 और रामगढ़ में 486 पेड़. कुल मिलाकर जिले में 1,33,416 पलाश के पेड़ चिन्हित किये गये हैं. यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पलामू को लाह उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
पलामू के 503 किसान एक लाख 33 हजार पलाश के पेड़ों पर करेंगे लाह उत्पादन
पलामू जिले में किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए पलाश और बैर के पेड़ों से लाह उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना चल रही है.
