मोथा तूफान से बारिश ने खेतों में पानी भर दिया, सड़ सकता है बीज

मौसम की मार से आलू किसानों की चिंता बढ़ी

मौसम की मार से आलू किसानों की चिंता बढ़ी

कुंदन, मोहम्मदगंज

चक्रवाती तूफान मोथा का असर पलामू जिले में भी देखने को मिल रहा है. पिछले तीन दिनों से जारी तेज हवा और रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. आलू की खेती के लिए अनुकूल माना जाने वाला शुष्क मौसम लगातार बारिश के कारण अब किसानों की चिंता का सबब बन गया है. मोहम्मदगंज प्रखंड के किसानों ने अनुकूल मौसम को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर मंडी से पिछले एक सप्ताह में करीब 300 टन आलू बीज की खरीद की थी. लेकिन अब खेतों में पानी भरने से बीज सड़ने का खतरा बढ़ गया है. किसान बताते हैं कि अगर मौसम जल्द नहीं बदला तो इस साल आलू की पैदावार पर गहरा असर पड़ेगा. भाली गांव के किसान राजकुमार यादव ने कहा कि अचानक मौसम बदलने से आलू की खेती को नुकसान हो रहा है. बीज लगाने के बाद मेढ़ों की मिट्टी गीली हो गयी है. ऐसी स्थिति में बीज सड़ सकता है.

रामनगर गांव के किसान रामजन्म राम ने बताया कि इस बार बीज बहुत महंगे दामों पर खरीदे गये थे. उन्होंने कहा, खेतों में बुआई पूरी हो चुकी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया है. आलू की खेती के लिए सूखा और हल्का गर्म मौसम जरूरी होता है.

बटउवा गांव के सीताराम राजवार ने कहा कि मौसम के कारण धान और आलू दोनों फसलें प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने बताया, दो कट्ठा में आलू लगाया है बीज महंगे दामों पर खरीदा, अब बारिश से सब बर्बाद होने की आशंका है.

नदीपर गांव के किसान मिंटू यादव ने कहा कि उन्होंने पूरी मेहनत और लगन से आलू की खेती की थी, लेकिन अब मौसम ने उम्मीद तोड़ दी है. उन्होंने कहा, महंगे बीज और उर्वरक में भारी पूंजी लगी है। अब बस यही उम्मीद है कि जितना लगाया है, उतना निकल जाए तो काफी है.

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By Akarsh aniket

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