प्रसव पीड़ा के बाद पांकी सीएचसी में भर्ती महिला की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Palamu News: पलामू के पांकी सीएचसी में प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती 27 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान एमएमसीएच में मौत हो गई. पेट में पल रहे बच्चे की भी जान नहीं बच सकी. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और दो मासूम बच्चियों के भविष्य की चिंता बढ़ गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड में पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के डंडार गांव निवासी पप्पू ठाकुर की 27 वर्षीय पत्नी दुर्गा देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है. परिजनों के अनुसार गुरुवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर दुर्गा देवी को इलाज के लिए पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया था. बताया गया कि सुबह करीब छह बजे अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को तीन इंजेक्शन लगाए. इसके कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. स्थिति गंभीर होते देख चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) रेफर कर दिया.

एमएमसीएच पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

परिजन महिला को लेकर तुरंत एमएमसीएच पहुंचे, जहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने दुर्गा देवी को मृत घोषित कर दिया. परिजनों का कहना है कि एमएमसीएच पहुंचने के बाद महिला के मुंह से झाग निकल रहा था. चिकित्सकों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है. साथ ही पेट में पल रहे बच्चे की भी जान नहीं बच सकी. घटना के बाद परिजन शव को लेकर वापस गांव लौट गए. गांव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया.

तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली थी दुर्गा देवी

परिजनों ने बताया कि दुर्गा देवी तीसरी बार मां बनने वाली थी. इससे पहले उसके दो बच्चे हैं, जिनमें चार वर्ष और दो वर्ष की दो बेटियां शामिल हैं. बताया गया कि गुरुवार सुबह अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई. इसके बाद उसकी सास उसे लेकर पांकी सीएचसी पहुंची. वहीं पति पप्पू ठाकुर दोनों बच्चों के साथ घर पर ही थे. अचानक मौत की खबर मिलने के बाद पति और परिवार के अन्य सदस्य सदमे में हैं. गांव की महिलाएं और आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं.

घटना को लेकर परिवार है हैरान

परिजनों का कहना है कि दुर्गा देवी के पहले दोनों बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था. ऐसे में इस बार अचानक स्थिति बिगड़ने और मौत हो जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है. घटना कैसे हुई और इलाज के दौरान आखिर क्या परेशानी आई, इसे लेकर परिवार के लोग कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं. ग्रामीणों ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताया है.

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दो मासूम बेटियों के भविष्य की चिंता

घटना के बाद गांव के लोगों ने परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है. वार्ड सदस्य बीरेद्र महतो ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है. उन्होंने कहा कि अचानक हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है. अब दो छोटी बच्चियों की परवरिश करना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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