जिला प्रशासन ने पिंकी देवी को स्कूल भवन में शिफ्ट कराया, बच्चों को कराया नामांकन

मारी और गरीबी से जूझ रही पिंकी देवी के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे.

प्रभात इंपैक्ट मामला नवजात शिशु को बेचने का फोटो 11 डालपीएच- 10, 11, 12 प्रतिनिधि : नीलांबर पीतांबरपुर : नीलांबर-पीतांबरपुर. बीमारी और गरीबी से जूझ रही पिंकी देवी के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे. मजबूरी में उसने अपने नवजात शिशु को 50,000 में लातेहार के एक दंपति को सौंप दिया. यह मामला जब प्रभात खबर में प्रकाशित हुआ, तो प्रशासन और न्यायपालिका हरकत में आ गयी. हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू डीसी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये. इसके बाद लेस्लीगंज पुलिस ने बच्चे को वापस लाकर मां को सौंपा. जिला प्रशासन ने पिंकी देवी और उसके परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. परिवार के पास रहने को घर नहीं था, वे गांव के देवी मंडप के शेड में रह रहे थे. बीडीओ सुकेशनी केरकेट्टा ने प्राथमिक विद्यालय भवन को साफ कराकर उन्हें अस्थायी आश्रय दिया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी. राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी परिवार से मिलकर स्थिति की जानकारी ली और प्रशासन को निर्देश दिये. प्रशासन ने बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था भी की. दो बच्चों का नामांकन स्थानीय विद्यालय में और तीन वर्षीय बेटी का नामांकन आंगनबाड़ी केंद्र में कराया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >