प्रतिनिधि, मेदिनीनगर
बुधवार को शहर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति नगर भवन में जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन हुआ. जलवायु अनुकूल कृषि एवं सुखाड़ प्रबंधन विषय पर विस्तार से चर्चा की गयी. मुख्य अतिथि पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने उदघाटन किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रहा है. ऐसी स्थिति में किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ व्यवसायिक फसल की खेती करनी चाहिए.किसान आधुनिक व वैज्ञानिक पद्धति को अपनाकर कृषि कार्य करें, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके. वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से फसल का उत्पादन बढ़ेगा और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा. डीसी ने किसानों को बताया कि कम पानी में होने वाली वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा दे. साथ ही जल संरक्षण को प्राथमिकता दें. सुखाड़ की स्थिति में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपायों का उपयोग करने की बात कही. कृषि को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाकर ही किसानों की आय में वृद्धि किया जा सकता है. पदाधिकारियों ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. बताया कि किसानों को बदलते जलवायु परिवेश के अनुरूप खेती की नयी तकनीकों, जल संरक्षण उपायों व सुखाड़ जैसी परिस्थितियों से निबटने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था. कार्यशाला के दौरान किसानों को खरीफ फसलों के बेहतर प्रबंधन, जल संरक्षण तकनीकों, सूखा प्रभावित परिस्थितियों में खेती के विकल्प तथा कृषि से जुड़ी नवीन जानकारियों से अवगत कराया गया. किसानों ने भी कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर खेती से संबंधित विभिन्न समस्याओं और समाधान पर चर्चा की गयी.
