लेबर कोड का विरोध, डीसी को सौंपा ज्ञापन

केंद्र की भाजपानीत सरकार ने नया श्रम कानून बनायी है. एफएमआरएआइ ने केंद्र सरकार के चार नये लेबर कोड को श्रमिक विरोधी बताया

फोटो 24 डालपीएच- 19 मेदिनीनगर. केंद्र की भाजपानीत सरकार ने नया श्रम कानून बनायी है. एफएमआरएआइ ने केंद्र सरकार के चार नये लेबर कोड को श्रमिक विरोधी बताया. एफएमआरएआइ के आह्वान पर बीएसएसआर यूनियन ने इस लेबर कोड का विरोध जताया. सोमवार को यूनियन के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डीसी समीरा एस को ज्ञापन सौंपा. बीएसएसआर यूनियन के सभी दवा एवं विक्रय प्रतिनिधियों ने इस लेबर कोड में संशोधन करने की मांग प्रधानमंत्री से की है. यूनियन का कहना है कि केंद्र सरकार चार लेबर कोड को निरस्त करते हुए सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज एक्ट कंडीशन ऑफ़ सर्विस एक्ट 1976 को अविलंब बहाल करे. इस लेबर कोड लागू होने के बाद सभी दवा एवं विक्रय प्रतिनिधियों का शोषण तेजी से बढ़ेगा. कॉर्पोरेट के दबाव में केंद्र सरकार ने यह लेबर कोड लागू करने का निर्णय लिया है. इस श्रम कानून से दवा एवं विक्रय प्रतिनिधियों को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि उन्हें बंधुआ मजदूर बना देगा. यदि सरकार इसे निरस्त नहीं करेगी तो यूनियन मुखर आंदोलन करेगी. मौके पर यूनियन के सचिव संजीव मिश्रा, मृत्युंजय कुमार,मनीष दुबे, विनोद कुमार,संजीव कुमार, जीवंत पाठक,दिवाकर पांडेय, प्रतीक सिंह, विकास सिंह सहित कई सदस्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH NATH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >