मेदिनीनगर से राकेश पाठक की रिपोर्ट
मेदनीनगर. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या दो के बैंक कॉलोनी मोहल्ला के निचले इलाके में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं. वे लोग मुख्य रूप से बिजली, पानी, सड़क और जल जमाव की समस्या से जूझ रहे हैं. गरीब परिवार के लोग बदहाली में जीने को विवश हैं. उनके घरों तक जाने के लिए कच्ची सड़क है, जो बारिश होने पर कीचड़ में तब्दील हो जाती है. इस कारण लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हो रही है. खासकर बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है. कई बार बच्चे बुजुर्ग कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से चलने लायक सड़क बनाने की मांग की है.
बांस के सहारे घरों तक पहुची बिजली
उस इलाके में सभी घरों में बिजली का कनेक्शन है.लेकिन उस क्षेत्र में एक भी बिजली का खंभा अधिष्ठापित नहीं है. लोग काफी दूर से बांस के सहारे तार खिंचकर अपने घर में बिजली का उपयोग करते हैं. बांस पर झूलते तारों से हमेशा खतरा बना रहता है. विद्युत विभाग ने लोगों को कनेक्शन तो दिया, लेकिन उनके घर तक बिजली पहुंचाने का प्रयास नहीं किया. लोगों का कहना है कि बिजली का खंभा लगाना विभाग का काम है, वे लोग अपने स्तर से कई बार आग्रह किया. विभागीय अधिकारियों से आश्वासन ही मिला, खंभा नहीं लगा.
शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं
बैंक कालोनी मुहल्ले के निचले इलाके में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है. नगर निगम प्रशासन या विभाग के द्वारा उस क्षेत्र में एक भी चापानल नहीं लगाया गया. लोगों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय परिसर में एक चापानल है, जो काफी दूर और वहां भीड़ अधिक रहती है.करीब 30 घरों का परिवार कच्चा कुंआ का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं.
कई घरों में प्रवेश किया था बाढ़ का पानी पिछले दिनों कोयल नदी में बाढ़ आयी थी. इस दौरान कई लोगों के घर बाढ़ में डूब गये थे. प्रभावित लोगों का कहना है कि बाढ़ के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा. घर में रखा सामान बह गया. बाढ़ से प्रभावित छात्रा कृतिका कुमारी ने डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से मिलकर सारी स्थिति से अवगत कराया था. कृतिका की पुस्तक व अन्य सामग्री बह गयी थी. डीसी से उसे पुस्तक व पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराया और बुनियादी समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिया है.
बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव
इस इलाके के लोगों के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन मजदूरी है. मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हुए लोगों ने किसी तरह झुग्गी झोपड़ी बनाया. उस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. लोगों का कहना है कि वर्ष 2017 से पहले यह इलाका जोड़ पंचायत की परिधि में आता है. अब यह क्षेत्र नगर निगम में शामिल हो गया है. निगम में शामिल होने के आठ वर्षों के बाद भी इस क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हुआ. आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. लोगों का कहना है कि शासन प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है. वार्ड पार्षद ने भी कोई पहल नहीं किया. मुहल्ले के योगेन्द्र साव,मनोरमा देवी, सुनीता देवी, सोमारी देवी,बबली, सरिता देवी,भीखनी देवी, फूला देवी, सुनयना देवी, मंजू देवी, अनीता देवी, राजेंद्र प्रसाद, कपिलदेव, जवाहर मेहता, प्रभात, शिव कुमार, शैलेश सहित अन्य प्रभावित लोगों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान करने की मांग शासन प्रशासन से किया है.
