मेदिनीनगर (पलामू): शहर के साहित्य समाज चौक स्थित सोना नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक शिक्षिका के नवजात की पेट में ही मौत हो गई. चिकित्सकों ने इमरजेंसी स्थिति में महिला शिक्षिका को किसी तरह बचाया. घटना के बाद महिला शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
जानकारी के अनुसार, पलामू जिले के तरहसी प्रखंड स्थित सिलदिलीया प्लस टू हाई स्कूल में पदस्थापित शिक्षिका भारती पांडेय को चैनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया था. प्रसव के लिए छुट्टी लेने को लेकर उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में आवेदन दिया था.
छुट्टी आवेदन स्वीकृति को लेकर उठे सवाल
शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी का आरोप है कि छुट्टी स्वीकृत करने के लिए उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई. उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से वह छुट्टी के आवेदन को लेकर कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे, लेकिन आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया.
मुकेश तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार डीईओ से मिलकर मामले की जानकारी दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि कार्यालय के लिपिक अरुण गिरी और ईश्वर दयाल राम द्वारा कथित रूप से कहा गया कि बिना पैसे के छुट्टी स्वीकृत नहीं की जा सकती.
समय पर छुट्टी नहीं मिलने से परेशानी का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे के कारण समय पर छुट्टी नहीं मिलने से पत्नी को परेशानी हुई और इसी वजह से नवजात की मौत हुई. मुकेश तिवारी ने बताया कि कई शिक्षक नेताओं ने भी इस मामले की जानकारी डीईओ को दी थी. इसके अलावा पांच दिन पहले पलामू उपायुक्त से मिलकर भी शिकायत की गयी थी, जिसके बाद डीसी ने डीईओ को आवश्यक निर्देश दिया था. बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई.
वर्तमान में महिला शिक्षिका की स्थिति नाजुक बनी हुई है. घटना के बाद से डीईओ के प्रति शिक्षकों और परिजनों में आक्रोश है. बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद छुट्टी स्वीकृत कर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई. मुकेश तिवारी ने बताया कि पलामू डीईओ संदीप कुमार, लिपिक अरुण गिरी और ईश्वर दयाल राम के खिलाफ शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है. मुकेश तिवारी हजारीबाग में जिला पुलिस बल में पदस्थापित हैं.
पैसे मांगने का आरोप गलत: डीईओ
इस मामले में पलामू डीईओ संदीप कुमार ने आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि वह शिक्षिका भारती पांडेय को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि आवेदन मिलने के बाद शाम को छुट्टी स्वीकृत कर दी गयी थी.
