मेदिनीनगर,पलामू: पलामू प्रमंडल में गहराते बिजली संकट और इसके कारण कृषि कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने पहल की है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और क्षेत्र के अन्य विधायकों की पहल के बाद बिजली विभाग के आला अधिकारी जमीनी हकीकत परखने पलामू का दौरा करेंगे. मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विद्युत वितरण निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में वित्त मंत्री और विधायकों ने प्रमंडल की चरमराई बिजली व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को तत्काल समाधान का निर्देश दिया. बैठक में विधायक संजय सिंह यादव, अनंत प्रताप देव और नरेश सिंह आदि मौजूद थे.
13 और 14 अगस्त को प्रभावित क्षेत्रों का होगा स्थलीय भ्रमण
विद्युत वितरण निगम के तीन वरीय अधिकारी सुधीर कुमार सिंह, प्रभात कुमार श्रीवास्तव और शुभांकर झा 13 और 14 अगस्त को पलामू प्रमंडल का दो दिवसीय दौरा करेंगे. हाई-लेवल टीम छतरपुर, पाटन, नौडीहा बाजार, जपला आदि बिजली संकट से प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी भ्रमण करेगी. टीम समस्या के कारणों की जांच करने के साथ बिजली संकट दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी. विधायकों ने कहा कि वे इस दौरे और इसके बाद होने वाले सुधार कार्यों की निगरानी करेंगे, ताकि पलामू की जनता और किसानों को जल्द राहत मिल सके.
बिजली संकट से कृषि कार्य प्रभावित
बैठक में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सहित अन्य विधायकों ने अधिकारियों को बताया कि पलामू प्रमंडल सुखाड़ और भीषण गर्मी की दोहरी मार झेल रहा है. बारिश की कमी से खरीफ और दलहन की खेती प्रभावित हुई है. वहीं, बिजली की समुचित आपूर्ति नहीं होने से कृषि कार्य भी बाधित हो रहा है. प्रमंडल के उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशान हैं. हुसैनाबाद और हरिहरगंज के विधायकों ने बताया कि उनके क्षेत्रों में मुश्किल से दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है. इसके अलावा गढ़वा जिले की बिजली समस्या और तत्काल संकट दूर करने की मांग भी बैठक में उठाई गई.
ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए ट्रांसफार्मर होंगे अपग्रेड
बैठक में अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के बढ़ते दबाव को देखते हुए जहां 25 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं, उन्हें तत्काल 63 केवीए में बदला जाए. इसी तरह 63 केवीए के ट्रांसफार्मरों को 100 केवीए के ट्रांसफार्मर में बदला जाएगा. इससे ओवरलोडिंग की समस्या खत्म करने और किसानों को पर्याप्त वोल्टेज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
