हरिहरगंज से कृष्णा की रिपोर्ट
हरिहरगंज: पलामू जिले के पीपरा प्रखंड के बभंडी पंचायत अंतर्गत तरवन कला गांव में करीब 14 वर्ष पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भवन आज भी इलाज की बाट जोह रहा है. निर्माण के बाद से अब तक यहां स्वास्थ्य सेवा शुरू नहीं हो सकी है. देखरेख के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है. खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं और परिसर में मवेशियों का बसेरा बना हुआ है.
14 साल बाद भी नहीं हुई चिकित्सक की पोस्टिंग
ग्रामीणों के अनुसार भवन बनने के बाद आज तक न चिकित्सक की पोस्टिंग हुई और न ही स्वास्थ्यकर्मियों की. यहां तक कि गेट-ग्रील का ताला तक नहीं खुला. ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल चालू हो जाता, तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलती. सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद भवन का उपयोग नहीं होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है.
इलाज के लिए 15 से 20 किमी दूर जाने की मजबूरी
पीपरा प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए हरिहरगंज या छतरपुर जाना पड़ता है. कई गांवों से इन स्थानों की दूरी 15 से 20 किलोमीटर तक है. आपात स्थिति में मरीजों को इतनी दूर ले जाना ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनता है.
स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर ही नहीं हुआ भवन
हरिहरगंज सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोपाल प्रसाद ने बताया कि तरवन कला स्थित अस्पताल भवन अब तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि भवन जर्जर हो चुका है.
ग्रामीणों ने जल्द सेवा शुरू कराने की मांग की
ग्रामीणों ने भवन की जांच कराकर जल्द स्वास्थ्य सेवा शुरू कराने की मांग की है, ताकि आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिल सके और आपात स्थिति में मरीजों को दूर के अस्पतालों तक ले जाने की परेशानी से राहत मिल सके.
