संविधान गढ़नेवाले सपूतों के नाम पर कुछ न होना पलामू के लिए शर्म की बात, संविधान दिवस पर बोले पत्रकार सुमन

Constitution Day Celebration in Jharkhand: दो सपूतों के नाम पर पलामू में कोई भी कॉलेज, पार्क, स्कूल, सड़क का नहीं होना शर्म की बात है. पलामू के लोगों को चाहिए इन दो सपूतों की याद को जीवित रखें. उन्होंने जेलहाता मोहल्ला का नाम यदुवंश नगर व नवाहाता का नाम अमिय नगर करने की मांग जिला प्रशासन से की.

Constitution Day Celebration in Palamu: झारखंड के पलामू जिला में संविधान दिवस पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. डालटेनगंज शहर के टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकार व स्वतंत्रता संग्राम में पलामू की भूमिका पर खोजपरक शोध करने वाले प्रभात मिश्रा सुमन ने शनिवार को कहा की संविधान निर्माण में पलामू के दो सपूत यदुवंश सहाय व अमिय कुमार घोष का महत्वपूर्ण योगदान था.

जेलहाता मोहल्ला का नाम यदुवंश नगर करने की मांग

उन्होंने कहा कि इन दो सपूतों के नाम पर पलामू में कोई भी कॉलेज, पार्क, स्कूल, सड़क का नहीं होना शर्म की बात है. पलामू के लोगों को चाहिए इन दो सपूतों की याद को जनमानस में जीवित रखें. उन्होंने जेलहाता मोहल्ला का नाम यदुवंश नगर व नवाहाता का नाम अमिय नगर करने की मांग जिला प्रशासन से की. कार्यक्रम में मौजूद पलामू के उपायुक्त ने उनकी मांग पर जिला प्रशासन द्वारा गंभीरतापूर्वक विचार करने की बात कही.

Also Read: Jharkhand News: पलामू में सम्मानित किये जायेंगे संविधान सभा के सदस्य यदु बाबू के वंशज टूटे न चरखा के तार, चरखवा चालू रहे

शिवाय फिल्म की पार्श्व गायिका मेघा श्रीराम डाल्टन ने टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में जब ‘टूटे न चरखा के तार, चरखवा चालू रहे’ गीत प्रस्तुत किया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. मेघा ने ‘शिवाय’ फिल्म के टाइटल सांग, ‘रुक रुक परदेशी पलामू जिला देख ले’ सहित कई गीत प्रस्तुत किये. उनके साथ उनके पति व ‘स्प्रिंग थंडर’ फिल्म के निर्देशक श्रीराम डाल्टन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

पलामू समाहरणालय परिसर में मनाया गया संविधान दिवस

पलामू समाहारणलाय परिसर में उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे की अध्यक्षता में संविधान दिवस का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि संविधान निर्माण के दौरान पलामू जिले से यदुवंश सहाय ‘यदु बाबू’ और अमिय कुमार घोष ‘गोपा बाबू’ संविधान सभा में सदस्य थे. यह हमारे लिए गर्व का विषय है. पलामू के इन दो सपूतों के संविधान निर्माण में योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. कार्यक्रम में उपायुक्त के साथ सभी पदाधिकारी व कर्मियों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी.

सदर एसडीओ कार्यालय में मना संविधान दिवस

मेदिनीनगर सदर अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में एसडीओ राजेश कुमार साह की अध्यक्षता में संविधान दिवस मनाया गया. श्री साह ने कहा कि भारतीय नागरिकों को न्याय दिलाने वाला भारतीय संविधान को सबको नमन करना चाहिए.

आंबेडकर पार्क में व्याखानमाला

मेदिनीनगर के आंबेडकर पार्क में ‘भारत का संविधान विषय’ पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया. इसका आयोजन संपूर्ण ग्राम विकास केंद्र ने किया. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा व संविधान के चित्र पर माल्यार्पण किया गया. संपूर्ण ग्राम विकास केंद्र के सचिव विनोद कुमार ने संविधान के महत्व के बारे में बताया.

आओ कि कोई ख्वाब बुनें कल के वास्ते

‘आओ कि कोई ख्वाब बुनें कल के वास्ते’ की घोषणा के साथ इप्टा पलामू के द्वारा संविधान दिवस पर ‘संविधान की बात’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इप्टा के राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र कुमार के व्याख्यान से कार्यक्रम का आगाज हुआ. छात्र-छात्राओं के लिए क्विज काम्पिटिशन का आयोजन किया गया. क्विज में भारत के संविधान से संबंधित प्रश्न पूछे गये. विजेता प्रतिभागियों को मार्च के महीने में इप्टा के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पुरस्कृत व सम्मानित किया जायेगा.

पलामू से सैकत चटर्जी की रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >