पलामू : पलामू जिले के नावाबाजार प्रखंड के बीडीओ सह प्रभारी सीओ रेणु बाला पर वायरल वीडियो के जरिये लगाये गये आरोप को शिकायतकर्ताओंं ने बेबुनियाद बताया हैं. स्थानीय व्यवसायियों और अंचलाधिकारी के बीच बातचीत के बाद विवाद खत्म कर हो गया .
बिचौलियों की राजनीतिक साजिश
नावा बाजार निवासी सुधीर गुप्ता और मिथिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि कुछ बिचौलिये राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए अंचलाधिकारी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे. अंचल कार्यालय के नाम पर अवैध वसूली किया जा रहा था. इस पूरी साजिश का एकमात्र उद्देश्य अधिकारी की छवि को बदनाम करना और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था.
वायरल वीडियो को लेकर दूर हुई गलतफहमी
सोशल मीडिया पर जिस वायरल वीडियो को लेकर हंगामा मचा था, उसकी जांच में पुष्टि हुई है कि वह वीडियो पूरी तरह फर्जी था. इस सच्चाई के सामने आने के बाद अंचल कार्यालय में दोनों पक्षों की एक विशेष बैठक हुई. बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने माना कि वे लोग गलतफहमी का शिकार हुए थे. वीडियो का सच सामने आने के बाद आपसी शिकायतें दूर हो गयी और आरोपों को निराधार बताया गया.
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बेवजह आरोप से प्रभावित होता है विकास : बीडीओ
नावा बाजार प्रखंड के बीडीओ सह प्रभारी सीओ रेणुबाला ने कहा कि बेवजह आरोप के कारण विकास कार्य प्रभावित होता है. सरकार का जो गाइडलाइन है उसके अनुसार काम होगा. अवैध तरीके से काम करने वाले पर ठोस कारवाई होगी.
