छतरपुर. मौसम में बदलाव के साथ छतरपुर प्रखंड में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है. अनुमंडलीय अस्पताल और निजी क्लिनिकों में सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है. पिछले 20 दिनों से अनुमंडलीय अस्पताल में रोज करीब 200 से 250 मरीज इन लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं.
मौसम बदलने से बढ़ सकती हैं वायरल बीमारियां
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजेश अग्रवाल ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है. इससे वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और गले से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. उन्होंने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं नहीं लेने की सलाह दी.
उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में पर्याप्त पानी पीना, ताजा और पौष्टिक भोजन लेना तथा साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है. पानी उबालकर ठंडा करने के बाद पीने की सलाह दी. घर से बाहर निकलते समय मास्क या गमछे का इस्तेमाल करने और घर लौटने के बाद हाथ-पैर धोने को कहा. खांसते या छींकते समय मुंह ढकने तथा बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाने की भी सलाह दी.
तेज बुखार और सांस में परेशानी हो तो करायें जांच
डॉ अग्रवाल ने कहा कि तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या कई दिनों तक लक्षण बने रहने पर चिकित्सक से जांच करानी चाहिए. उन्होंने सड़क किनारे बिकने वाले असुरक्षित खाद्य पदार्थों से भी बचने की सलाह दी.
