सतबरवा. विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रखंड क्षेत्र के रबदा पंचायत के चेतमा जतरा टांड़ मेला परिसर में औरंगा बांध विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में मेला का आयोजन हुआ. मेला में सतबरवा, मनिका तथा बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के करीब 30 गांव के ग्रामीण शामिल हुए. मुखिया पंचायत समिति सदस्य, ग्राम प्रधान तथा पाहनों ने भाग लिया. विधि विधान से प्रकृति का पूजा अर्चना किया तथा अच्छी बारिश का कामना की. मालूम हो कि 1983 में औरंगा बांध विरोधी संघर्ष समिति के बैनर तले चेतना गांव निर्मल सिंह (अब स्वर्गीय) के नेतृत्व में बांध से पर्यावरण को नुकसान बताते हुए तत्कालीन डूब क्षेत्र के 22 गांव के ग्रामीणों को एकजुट किया तथा औरंगा बांध विरोधी संघर्ष समिति का गठन कर विरोध शुरू कर दिया. जिसके कारण केंद्र सरकार को बांघ निर्माण कार्य को रोकना पड़ा, जो आज भी चालू नहीं हो सका. हालांकि अधिकतर डूब क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच मुआवजे की राशि भी वितरण किया जा चुका था. तब से आज तक विश्व पर्यावरण दिवस पांंच जून को प्रत्येक वर्ष सामूहिक सरहुल तथा मेला का आयोजन होते आ रहा है. वर्तमान में इसका निर्मल सिंह के भाई जितेंद्र सिंह समेत कई लोग करते आ रहे हैं. कार्यक्रम में विश्व पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा तथा बाबा आमटे भी भाग ले चुके हैं.
सतबरवा के चेतमा जतरा मेलाटांड़ में तीन प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों का जुटान
सतबरवा के चेतमा जतरा मेलाटांड़ में तीन प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों का जुटान
