प्रतिनिधि : मेदिनीनगर
झारखंड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बिना नक्शा पास कराये बने भवनों के नियमितिकरण का आदेश जारी किया है. इसके तहत नगर निगम प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है. भवन मालिकों को 26 जून तक आवेदन जमा करना होगा. अब तक 60 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जबकि लगभग 200 लोगों ने प्रक्रिया और शुल्क की जानकारी ली है.
निगम की समीक्षा बैठक में डिप्टी मेयर मनोज सिंह ने पाया कि आवेदन प्रक्रिया में शिथिलता बरती जा रही है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी वार्डों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया. उनका कहना था कि जब लोग जागरूक होंगे तभी वे इस योजना का लाभ उठा पायेंगे. बैठक में शुल्क को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ. एलटीपी द्वारा पहले 14–15 रुपये प्रति वर्गफुट शुल्क लिया जा रहा था, जिसे घटाकर 8 रुपया प्रति वर्गफुट कर दिया गया है ताकि आम नागरिकों को सुविधा हो. इसके अलावा भवन नियमितिकरण के लिए निश्चित शुल्क तय किया गया है-आवासीय भवन के लिए 10,000, व्यवसायिक भवन के लिए 20,000 और राजस्व गांवों में बने भवनों के लिए 5,000 रुपया.
नियमितिकरण कराने से भवन को वैधानिक मान्यता मिलेगी. भविष्य में भवन का विस्तार करने या नक्शा स्वीकृत कराने में आसानी होगी. डिप्टी मेयर ने स्पष्ट किया कि यह अभियान नागरिकों को राहत देने और अवैध निर्माण को वैध दर्जा देने का अवसर है. बैठक में सहायक नगर आयुक्त प्रमोद उरांव, अभियंता अभिषेक, सिद्धार्थ प्रियदर्शी सहित कई अधिकारी मौजूद थे.