विवि में 40 करोड़ की लागत से बनेगा 200 बेड का गर्ल्स हॉस्टल

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कई नयी योजनाओं की घोषणा

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कई नयी योजनाओं की घोषणा प्रतिनिधि, मेदिनीनगर नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में होने वाली कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं और सुधारों की जानकारी दी. शनिवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में डॉ सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में 40 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड के गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कराया जायेगा. इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सके. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने वर्तमान में आठ टॉपर विद्यार्थियों को बहाल कर लिया है. इनमें हुसैनाबाद, छतरपुर, लातेहार, गढ़वा और जेस कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्त की गयी हैं. ये शिक्षक कॉलेजों में शिक्षण कार्य करेंगे. इसके अलावा, विश्वविद्यालय में 40 गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थी हैं, जिनका नाम वेबसाइट पर डाला जायेगा. इन विद्यार्थियों को संबंधित कॉलेजों में भेजा जायेगा और उन्हें प्रति माह 15,000 से 20,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जायेगी. मेडिकल कॉलेज के छात्रों के बारे में जानकारी देते हुए वीसी ने कहा कि पहले 30 छात्र फेल हो गये थे, लेकिन विश्वविद्यालय ने सुधार कर लिया है, और अब केवल आठ छात्र फेल हैं. यह समस्या टैबुलेशन की गलती के कारण उत्पन्न हुई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है. परीक्षा नियंत्रक डॉ अजीत कुमार सेठ ने बताया कि एनसीएफ की गलती के कारण यह समस्या हुई थी, जिसे अब सही कर लिया गया है. कुलपति ने कृषि महाविद्यालय के लिए भूमि की तलाश के बारे में जानकारी दी और बताया कि अभी तक इसके लिए कोई जमीन नहीं मिल पायी है. इसके अलावा, बालूमाथ में डिग्री कॉलेज के लिए सरकार द्वारा 33 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जिससे क्षेत्रीय शिक्षा में सुधार होगा. प्रेस कांफ्रेंस में विश्वविद्यालय के पीआरओ विनीता दीक्षित, डीएसडब्ल्यू एसके पांडेय, और परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजीत सेठ भी मौजूद थे. अब सिर्फ दो बार ली जायेगी बैकलॉग की परीक्षा वीसी ने परीक्षा से जुड़े कुछ अहम बदलावों की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अब बैकलॉग की परीक्षा केवल दो बार ली जायेगी. उन्होंने कहा कि बैकलॉग परीक्षाओं में 40 प्रतिशत छात्र उपस्थित नहीं होते. अगले सत्र से 30 सितंबर के बाद पोर्टल बंद कर दिया जायेगा, और सप्लीमेंट्री परीक्षा के बाद इसे फिर से खोला जायेगा. इसके अतिरिक्त उन्होंने ने यह भी स्पष्ट किया कि सेंट जेवियर कॉलेज महुआडांड़ और पांकी कॉलेज को छोड़कर सभी कॉलेजों में होम सेंटर की व्यवस्था समाप्त कर दी जायेगी. परीक्षा के दिन सभी कॉपियां विश्वविद्यालय में ही जमा करनी होंगी. खोला जायेगा प्लेसमेंट सेल वीसी ने बताया कि विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के अंतर्गत अब बीबीए, बीसीए, एमबीए और एमसीए की पढ़ाई शुरू की जायेगी. इसके साथ ही विश्वविद्यालय एक प्लेसमेंट सेल भी खोलेगा, जिसमें बाहर की कंपनियों को बुलाया जायेगा ताकि छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें. टेस्ट के आधार पर होगा आउटसोर्सिंग कर्मचारी का चयन वीसी ने बताया कि कंप्यूटर विभाग में जितनी भी भर्तियां आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जायेंगी, उन कर्मचारियों का टेस्ट लिया जायेगा. केवल वहीं कर्मचारी नियुक्त किये जाएंगे जो टेस्ट पास करेंगे. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद आउटसोर्सिंग कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया गया है, लेकिन अगर आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा कोई गड़बड़ी की जाती है, तो उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया जायेगा.

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By Akarsh aniket

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