इ फार्मेसी के खिलाफ पलामू में बंद रहीं 800 दवा-दुकानें

इ फार्मेसी के खिलाफ पलामू में बंद रहीं 800 दवा-दुकानें

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर पलामू में देखने को मिला. राज्य एसोसिएशन के निर्देश के आलोक में पलामू जिले के सभी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट प्रतिष्ठान बंद रहे. पलामू केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में जिले के सभी प्रखंडों की करीब 800 दवा दुकानें बंद रहीं. दवा व्यवसायी अपने प्रतिष्ठान को बंद कर सड़क पर उतरे और अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भरत प्रसाद जायसवाल व सचिव धर्मेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में दवा व्यवसायियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा. इसके माध्यम से एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सारी स्थिति से अवगत कराया. बताया कि ऑनलाइन दवा की बिक्री अवैध तरीके से हो रही है. जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है. ऐसी स्थिति में छोटे केमिस्टों को संरक्षण देने की आवश्यकता है.

इ फार्मेसी होने का सीधा असर दवा व्यवसाय पर पड़ रहा है. ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में इ फार्मेसी का कोई प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद विभिन्न कंपनियां वर्षों से इ फार्मेसी की बिक्री कर रही है. इस पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता है. जनहित व मरीजों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मामले में कारगर कदम उठाने की जरूरत है. राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का सीधा असर पलामू में देखा गया. एसोसिएशन के सदस्यों ने हड़ताल को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभायी. एसोसिएशन के पलामू जिलाध्यक्ष व सचिव ने कहा कि जनहित के इस मामले में सभी दवा व्यवसायी एकजुट है. सबकी एकजुटता व सहभागिता से आम हड़ताल सफल रहा. प्रतिनिधिमंडल में उदय सिंह, विनोद पाठक सहित कई दवा व्यवसायी शामिल थे.

केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट ऑर्गेनाइजेशन ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट ऑर्गेनाइजेशन ने एक दिवसीय बंदी को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाया. दवा व्यवसायियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा के नेतृत्व में दवा व्यवसायी सड़क पर उतरे और इ फार्मेसी के माध्यम से दवा बिक्री का विरोध किया. उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट घरानों द्वारा भारी भरकम छूट देकर नकली व नशीली दवाओं का कारोबार धड़ल्ले से जारी है.इस पर रोक लगाने की आवश्यकता है. प्रदेश महासचिव रमेश कुमार शुक्ला ने कहा कि नकली दवाओं कारोबार बढ़ने से आमजनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. दवा व्यापारियों की विश्वसनीयता घट रही है. पलामू जिला सचिव अमिताभ मिश्रा ने बताया कि दवा के थोक व खुदरा कारोबार बंद रहने से पलामू में पांच करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्रभावित हुआ. एक दिवसीय बंद कर सरकार को चेताया जा रहा है अगर सरकार ऑन लाइन बिक्री पर रोक नहीं लगाती है, तो आंदोलन तेज किया जायेगा. मौके पर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिलाध्यक्ष नितिन आलोक संरक्षक सतीश तिवारी, पुरुषोत्तम अग्रवाल,विक्की अग्रवाल, रामाकांत तिवारी, सुनील गुप्ता, दिनेश बर्णवाल, प्रिंस सबरे, सुरेंद्र अग्रवाल, प्रदीप मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संतोष गुप्ता, आशुतोष कुमार, नितेश सिंह, मुकेश अग्रवाल, जितेंद्र कुमार, रमेश वर्णवाल, अवधेश अग्रवाल, विपुल भूषण, मनोज सिन्हा सहित कई दवा व्यवसायी शामिल थे.

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Author: Akarsh Aniket

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