पलामू जिले में 585 चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली के लिए 25 हजार फॉर्म जमा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पलामू जिले में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली को लेकर आवेदन जमा करने की तिथि पांच जुलाई को समाप्त हो गयी.

आवेदन भरने की तिथि समाप्त छह जुलाई से नहीं लिया जायेगा फॉर्म : जिला नियोजन पदाधिकारी फोटो 5 डालपीएच- 3 प्रतिनिधि, मेदिनीनगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पलामू जिले में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली को लेकर आवेदन जमा करने की तिथि पांच जुलाई को समाप्त हो गयी. करीब 25 हजार फॉर्म जिला नियोजनालय कार्यालय में जमा हो चुका है. जिला नियोजन कार्यालय में डाकघर से प्राप्त फॉर्म का रजिस्टर मेंटेन कर सभी फॉर्म को सुरक्षित रखा गया है. जानकारी के अनुसार पांच जुलाई को देर शाम तक फॉर्म लिया गया. विभागीय अधिकारियों के अनुसार बताया गया कि जिले के वरीय अधिकारियों के द्वारा आदेश दिया गया है कि पांच जुलाई को रात्रि 10 बजे तक यदि डाकघर के माध्यम से फॉर्म प्राप्त होने पर रिसीव कर लिया जायेगा, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो. पलामू समाहरणालय में 132 पद, शिक्षा विभाग में 273, स्वास्थ्य विभाग में 151, जिला सहकारिता कार्यालय में तीन वन प्रमंडल मेदिनीनगर में 26 पद रिक्त है. कुल 585 पदों पर बहाली की जायेगी. जिसमें से 268 पद अनारक्षित है. जबकि अनुसूचित जाति के लिए 162, अनुसूचित जनजाति के लिए 35, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 42, पिछड़ा वर्ग के लिए 25, ईडब्ल्यूएस के लिए 53 पद आरक्षित है. 255 कर्मियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कर दिया गया था बर्खास्त सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जिले में नौ अगस्त तक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली को पूरा कर लेना है. आरक्षण का रोस्टर क्लियर हो चुका है. जबकि पूर्व में 255 पदों पर अनुसेवक की बहाली की गयी थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रद्द कर दिया गया था. लेकिन इस बार 585 पदों पर बहाली की जायेगी. विभिन्न विभागों से रिक्तियां मांगी गयी थी. इसमें समाहरणालय के अलावा शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग व सहकारिता विभाग से भी रिक्तियां मांगी गयी थी. पलामू प्रमंडल के आयुक्त के स्तर से आरक्षण का रोस्टर क्लियर किया जा चुका है. इस पद के लिए झारखंड में जो नियमावली है. उसके अनुसार बहाली की जायेगी. मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व से कार्य कर रहे 255 लोगों को कार्य से हटा दिया गया था. इसके बाद डीसी शशि रंजन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 255 अनुसेवक को बर्खास्त कर दिया था. इस संबंध में डीसी ने पत्र जारी कर कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा सिविल अपील नंबर 13950 डैस13951/ 2024 में पारित न्यायाधीश के अनुपालन के संबंध में 22 फरवरी को बैठक की गयी थी. इसमें निर्णय लिया गया था कि विज्ञापन संख्या 1/2010, 2/2010 से संबंधित नियुक्त सभी अनुसवकों को अविलंब सेवा से बर्खास्त करते हुए कार्य मुक्त करना सुनिश्चित करें. साथ ही ऐसे नियुक्त सभी अनुसेवकों में से सेवानिवृत्ति, मृत होने की स्थिति में उनके आश्रितों को स्वीकृत पेंशन, पारिवारिक पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति संबंधी सभी प्रदत्त लाभ को भी रद्द करना सुनिश्चित करें. इस संबंध में सभी कार्यालय प्रधान को निर्देश दिया गया था कि 24 घंटे के अंदर अनुपालन प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करें. शाम पांच बजे तक हुई रजिस्ट्री चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के लिए शनिवार को अंतिम दिन था. जिसके कारण पोस्ट ऑफिस में रजिस्ट्री करने वालों की काफी भीड़ थी. डाक अधीक्षक एसके संगम ने बताया कि आवेदन देने की शनिवार को अंतिम तिथि है. इसलिए जिला प्रशासन से वार्ता के बाद शाम पांच बजे तक रजिस्ट्री का काम किया गया है. उन्होंने कहा की हालांकि आम दिनों में सिर्फ दोपहर तीन बजे तक हीं रजिस्ट्री की जाती है. छह जुलाई से नहीं लिया जायेगा फॉर्म : जिला नियोजन पदाधिकारी जिला नियोजन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक 19885 फॉर्म आ चुके हैं. बताया कि शनिवार को वरीय अधिकारियों के आदेश पर रात 10 बजे तक डाकघर से आए फॉर्म को रिसीव किया जायेगा. कहा कि अनुमान है कि करीब छह से सात हजार फॉर्म और आने की संभावना है. उन्होंने कहा कि छह जुलाई से चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी से संबंधित फार्म नहीं लिया जायेगा. क्योंकि इसका इसकी अंतिम तिथि पांच जुलाई है. उनसे पूछे जाने पर की कई अभ्यर्थियों के द्वारा बताया गया है कि एनआइसी के वेबसाइट पर आठ जुलाई लिखा हुआ है. इस संबंध में उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोग उसे गलत समझ रहे हैं. आठ जुलाई लिखने का मतलब यह है कि आठ जुलाई के बाद उसे वेबसाइट से हटा दिया जायेगा. लेकिन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि पांच जुलाई है.

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Author: VIKASH NATH

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