जब-जब सत्ता का आक्रमण बढ़ेगा, सफदर याद आयेंगे...

सफदर हाशमी की याद में इप्टा ने किया नुक्कड़ नाटक मेदिनीनगर : इप्टा शहीद रंगकर्मी सफदर हाशमी का शहादत सप्ताह मना रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को इप्टा के कलाकारों ने कचहरी परिसर में नुक्कड़ नाटक व जनवादी गीत प्रस्तुत किया. इन कार्यक्रमों के माध्यम से इप्टा के कलाकारों ने शहीद रंगकर्मी सफदर हाशमी […]

सफदर हाशमी की याद में इप्टा ने किया नुक्कड़ नाटक

मेदिनीनगर : इप्टा शहीद रंगकर्मी सफदर हाशमी का शहादत सप्ताह मना रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को इप्टा के कलाकारों ने कचहरी परिसर में नुक्कड़ नाटक व जनवादी गीत प्रस्तुत किया. इन कार्यक्रमों के माध्यम से इप्टा के कलाकारों ने शहीद रंगकर्मी सफदर हाशमी को याद किया. उन्होंने कहा कि जब-जब सत्ता का आक्रमण बढ़ेगा, तब-तब सफदर याद आते रहेंगे.
मल्टी आर्ट एसोसिएशन के कलाकार ज्योति, नेहा, पूजा, एंब्रेसिया, अजमेरु, नीतू, गुड्डी, पूनम विश्वकर्मा आदि ने ओरी चिरैया नामक नाटक प्रस्तुत किया. इसके माध्यम से देश की आधी-आबादी की वास्तविक स्थिति को दर्शाया.
नाटक के माध्यम से महिला कलाकारों ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने और देश में बढ़ रहे महिलाओं के यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर समाज के लोगों को जागरूक करने पर बल दिया. कलाकारों ने गीत के माध्यम से बेटा-बेटी के फर्क को दूर करने के लिए लोगों को प्रेरित किया.
इप्टा के कलाकारों ने झूठ से टक्कर लेने को सच्चाई जोश में आयी है, ये हक की लड़ाई है… जनवादी गीत प्रस्तुत किया. मौके पर इप्टा के राज्य महासचिव उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि विचार जब लुप्त हो जाता है, तब हुल्लड़बाजी और गुंडागर्दी अच्छे विचारों का जगह ले लेती है. आज दुर्भाग्य है कि आजाद भारत में विचारों को मार देने की कोशिश सत्ता के संरक्षण में की जा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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