नहीं मिलती है इंज्यूरी रिपोर्ट

तरहसी : कहने को तो तरहसी प्रखंड विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है कि तरहसी स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ दिखाने के लिए हाथी का दांत बना हुआ है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की सूची में तरहसी स्वास्थ्य केंद्र का नाम दर्ज है. लेकिन हकीकत यह […]

तरहसी : कहने को तो तरहसी प्रखंड विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है कि तरहसी स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ दिखाने के लिए हाथी का दांत बना हुआ है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की सूची में तरहसी स्वास्थ्य केंद्र का नाम दर्ज है. लेकिन हकीकत यह है कि यहां इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है. फार्मासिस्ट व एजुकेटर के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है. इस स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का दो पद सृजित है. लेकिन एक भी चिकित्सक यहां पदस्थापित नहीं है.

ऐसी स्थिति में सोचा जा सकता है कि तरहसी प्रखंड क्षेत्र के लोगों को किस तरीके से स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है. इलाज की बात तो छोड़ दी जाये. यदि किसी व्यक्ति को इंज्यूरी रिपोर्ट की जरूरत पड़े, तो वह भी इस स्वास्थ्य केंद्र से नहीं मिल सकता. क्योंकि प्रावधान के मुताबिक चिकित्सक ही इंज्यूरी रिपोर्ट दे सकते हैं. इस स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद खाली है.
ऐसी स्थिति में लोगों को इलाज के साथ-साथ इंज्यूरी रिपोर्ट लेने के लिए लेस्लीगंज या मेदिनीनगर जाना पड़ता है. जानकारी के मुताबिक मनातू के चिकित्सा प्रभारी डॉ चंद्रभानु प्रतापन सिंह तरहसी स्वास्थ्य केंद्र में अपनी सेवा देते थे. लेकिन अगस्त-2019 में उनका स्थानांतरण हो गया. इसके बाद कोई भी चिकित्सक यहां नहीं आते.
इस कारण न तो मरीजों का इलाज हो रहा है और ना ही जरूरतमंदों को इंज्यूरी रिपोर्ट मिल रही है. तरहसी के ग्रामीण बागेश्वर पांडेय ,मनाजरुल हक, भोला साव, विनोद गुप्ता आदि लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र खुला रहने से कोई लाभ नहीं है. सरकार व विभाग की उदासीन रवैया के कारण तरहसी क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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