आदिवासी संस्कृति को बचाये रखना एक चुनौती : ब्रह्मदेव

विश्रामपुर :विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आरापुर माइंस के पास सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन युवा समाजसेवी सह पूर्व विस प्रत्यासी ब्रह्मदेव प्रसाद ने किया.उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुखिया संजय कुमार सिंह व संचालन राज किशोर सिंह ने किया.ब्रह्मदेव प्रसाद ने कहा कि आदिवासी संस्कृति हिंदुस्तान की धरोहर है.यह संस्कृति […]

विश्रामपुर :विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आरापुर माइंस के पास सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन युवा समाजसेवी सह पूर्व विस प्रत्यासी ब्रह्मदेव प्रसाद ने किया.उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुखिया संजय कुमार सिंह व संचालन राज किशोर सिंह ने किया.ब्रह्मदेव प्रसाद ने कहा कि आदिवासी संस्कृति हिंदुस्तान की धरोहर है.यह संस्कृति समाज को हमेसा कुछ नया करते रहने का संदेश देता है.आज के दौर में आदिवासी संस्कृति को बचाना एक चुनौती हो गया है.हम सबों को यह चुनौती स्वीकार करना होगा.

आदिवासी संस्कृति को बचाये रखने का संकल्प सभी को लेना होगा.इससे पहले ब्रह्मदेव प्रसाद ने आदिवासी महिलाओं के बीच वस्त्र का वितरण किया.सांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी गायक विजय बवाली व चंदन चहेता ने कई बेहतरीन गीत गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया.मौके पर मिथलेश विश्वकर्मा,नरेश सिंह,विनय सिंह,डॉ योगेंद्र सिंह,रविंद्र सिंह,भरत सिंह सहित कई लोग मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >