भारत एक बहुभाषी देश है, पर हमें अपने मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए : एसपी

भाषा उत्सव-2025 के तहत शनिवार को डीपीएस स्कूल में ”भाषा मेला” मनाया गया.

डीपीएस पाकुड़ में भारतीय भाषा उत्सव-2025 का आयोजन संवाददाता, पाकुड़. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) के निर्देशानुसार भाषा उत्सव-2025 के तहत शनिवार को डीपीएस स्कूल में ””भाषा मेला”” मनाया गया. भाषा मेला में बतौर मुख्य अतिथि एसपी निधि द्विवेदी मौजूद थीं. भाषा मेला में डीपीएस के बच्चों ने समूह बनाकर भारत के अलग-अलग प्रांतों जैसे-झारखंड, बिहार, तमिलनाडू, ओडिशा, सिंध, पंजाब, गुजरात, बंगाल की वेशभूषा पहनकर वहां की भौगोलिक स्थिति, भाषा, त्योहार, खान-पान, गीत आदि के बारे में स्टॉल लगाया. एसपी ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रत्येक स्टॉल पर बच्चों से अलग-अलग प्रांतों के व्यंजन, कविता-कहानियां, साहित्य के बारे में भी जानकारी ली. एसपी ने कहा कि सीबीएसइ की यह पहल बहुत ही सराहनीय है. भारत एक बहुभाषी देश है. हमें सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए, परंतु अपनी मातृभाषा को भूलना नहीं चाहिए. डीपीएस के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने बच्चों से अपनी सभ्यता संस्कृति और खासकर भाषा से जुड़े रहने के लिए कहा. कहा कि किसी भी प्रांत की सभ्यता संस्कृति जानने के लिए वहां की भाषा और साहित्य का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है. क्योंकि भाषा सभी संस्कृतियों के मर्म को भाव में पिरोती है. प्रधानाचार्य जेके शर्मा ने कहा कि अभिभावकों के सहयोग के बिना बहुभाषीय मेला कोई भी सह पाठ्यक्रम गतिविधि संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि भाषा मेला के माध्यम से बच्चों को भारत की विविधता में एकता की भावना समझने में काफी मदद मिलेगी.

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