पीर पहाड़ उर्स को लेकर ग्रामीणों की मांग : मजार पर चादरपोशी हो, मेला न लगे

उर्स के दौरान मेला आयोजन पर ग्रामीणों ने आपत्ति जतायी. पिछले वर्ष की तरह केवल चादरपोशी की अनुमति देने की मांग की.

By BINAY KUMAR | January 16, 2026 9:34 PM

महेशपुर. महेशपुर अंचल अंतर्गत मौजा गमछानाला स्थित पीर पहाड़ मजार में फरवरी में होनेवाले उर्स पर्व के दौरान मेला आयोजन को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जतायी है. इसे लेकर आसपास के गांवों के ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपा है. यह आवेदन अनुमंडल पदाधिकारी महेशपुर के माध्यम से अंचलाधिकारी एवं महेशपुर थाना प्रभारी को दिया गया है. आवेदन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि पीर पहाड़ मजार में उर्स पर्व के अवसर पर मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा वर्षों से चादरपोशी की परंपरा रही है, जिसका स्थानीय आदिवासी समुदाय भी सम्मान करता आया है. ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक आस्था के तहत शांतिपूर्ण चादरपोशी पर किसी को आपत्ति नहीं है. ग्रामीणों ने प्रशासन को यह भी अवगत कराया है कि पिछले वर्ष उर्स के दौरान मजार कमेटी द्वारा मेला आयोजित किये जाने के प्रस्ताव का स्थानीय आदिवासी समुदाय ने विरोध किया था. उस समय संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मेला आयोजन पर रोक लगायी थी और केवल चादरपोशी की अनुमति दी गयी थी. इससे क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बना रहा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस वर्ष भी उर्स पर्व के अवसर पर मजार की तलहटी में मेला लगाया गया, तो असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि पूर्व की भांति इस वर्ष भी केवल धार्मिक अनुष्ठान (चादरपोशी) की अनुमति दी जाये तथा मेला आयोजन की अनुमति न दी जाये. ग्रामीणों ने अपने आवेदन में विधि-व्यवस्था, सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द बनाये रखने की बात पर विशेष जोर दिया है. आवेदन में गमछानाला के ग्राम प्रधान दुर्गा पहाड़िया, प्रधान बबलू मरांडी, पंचायत समिति सदस्य भेंटाटोला रामजतन मरांडी, मंत्री मरांडी बाहाराय सोरेन, सुजन मरांडी, चरण मुर्मू सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.

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