प्रतिनिधि, पाकुड़ टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गुरुवार को पुराने सदर अस्पताल परिसर में सहिया को प्रशिक्षण दिया गया. इसका नेतृत्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ केके सिंह ने किया. सहिया को टीबी मरीजों की पहचान, उपचार और जागरुकता फैलाने के आवश्यक निर्देश दिए दिया. डॉ सिंह ने बताया कि 100 दिवसीय गहन टीबी रोगी खोज अभियान 25 अप्रैल तक चलेगा. इसके तहत घर-घर जाकर दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षणों की स्क्रीनिंग की जायेगी. सहिया को यह भी सिखाया जा रहा है कि वह समुदाय में टीबी से जुड़े कलंक को दूर करें. लोगों को जांच व उपचार के लिए प्रेरित करें. सहिया निक्षय मित्र योजना के तहत मरीजों को गोद लेने, पोषण सहायता देने और उच्च जोखिम समूह जैसे मधुमेह, धूम्रपान करनेवाले, एचआइवी ग्रसित या टीबी मरीजों के संपर्क में रहनेवाले लोगों की जांच पर विशेष ध्यान देगी. टीबी की पुष्टि होने पर सहिया मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में लाकर इलाज शुरू कराने में मदद करेंगी.
टीबी मरीजों की पहचान व उपचार का मिला प्रशिक्षण
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गुरुवार को पुराने सदर अस्पताल परिसर में सहिया को प्रशिक्षण दिया गया.
